राजीव गाँधी के खिलाफ दिल्ली से चला आक्रोश पंजाब पहुचा .. लुधियाना में मूर्ति पर पोती गई कालिख

जिस मामले ने दिल्ली की राजनीति में भूचाल ला दिया था अब उसी मामले ने अपनी धमक पंजाब तक देनी शुरू कर दी है . इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सरदारों के सामूहिक नरसंहार का दोषी राजीव गांधी को मानते हुए उनके खिलाफ तमाम सिख सन्गठन और युवक उठ खड़े हुए हैं और ताजा घटनाओं से उस आक्रोश की सीमा का अंदाज़ा लगाया जा सकता है . इस से पहले दिल्ली में अलका लंबा और सोमनाथ भारती पर राजीव गांधी के खिलाफ बोलने के चलते गाज गिर चुकी है .

ज्ञात हो कि पंजाब के लुधियाना में यूथ अकाली दल के नेताओं ने लुधियाना में राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोतने का मामला सामने आया है। प्रतिमा पर कालिख पोते जाने के कुछ देर बाद कांग्रेसी नेताओं ने वहां पहुंचे और दूध से प्रतिमा मे लगाई गई कालिख को साफ किया। दरअसल राजीव गांधी के प्रतिमा पर कालिख पोते जाने के पीछे भारत रत्न वापस लेने वाला विवाद है। इस संबंध में लुधियाना पुलिस ने मामला दर्ज कर एक शख्स को गिरफ्तार भी किया है।

लेकिन इसके बाद वहां पर कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुच गये और उन्होंने राजीव गांधी की उसी प्रतिमा को दूध से धुला . इतना ही नहीं उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के खिलाफ नारे लगाते हुए जब तक सूरज चाँद रहेगा राजीव तेरा नाम रहेगा भी कहा . पंजाब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सुखबीर सिंह बादल से लुधियाना में शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं द्वारा राजीव गांधी की मूर्ति के साथ बर्बरता के लिए माफी मांगने को कहा है। हालांकि अभी तक इस संबंध में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं का कोई बयान सामने नहीं आया है।

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