आज होगी भारतीय राजनीति के राजा हरिश्चन्द्र कहे जाने वाले मनोहर की अंतिम विदाई .. घोषित हुआ राष्ट्रीय शोक

सर्जिकल स्ट्राइक के महानायक को आज अंतिम विदाई दी जायेगी . पूरे भारत में शोक की लहर है और उनकी अंतिम विदाई में राजनीति से ले कर कला क्षेत्र की तमाम राजनैतिक हस्तियाँ मौजूद होंगी . पक्ष विपक्ष हर कोई उनको श्रद्धांजलि दे रहा है .. उनकी निष्कलंक छवि और उनकी सादगी ने हर किसी का दिल जीता था और उनके रक्षा मंत्री के काल में उनकी धाक रूस और अमेरिका जैसे देशो में थी . इजरायल के साथ भी उन्होंने भारत के रिश्ते मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी .

दिवंगत मनोहर पर्रिकर का पार्थिव शरीर पंजिम के बीजेपी हेड ऑफिस में सुबह 9:30 बजे कार्यकर्ताओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा. 10 बजकर 30 मिनट पर उनके पार्थिव शरीर को पंजिम की ही कला एकेडमी में ले जाया जाएगा. यहां 11 से 4 बजे तक आम लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे.4 बजे उनकी अंतिम यात्रा एसएजी ग्राउंड, कैंपल के लिए निकलेगी. यहां 5 बजे उनका अंतिम संस्कार होगा. इस दौरान सुरक्षा के भारी इंतजाम किये जायेंगे ..

केंद्र सरकार ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निधन पर सोमवार को राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है. इस दिन झंडा आधा झुका रहेगा.  मनोहर पर्रिकर का जन्म 13 दिसंबर 1955 को गोवा के मापुसा गांव में हुआ था. आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले पर्रिकर छात्र जीवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए थे. साल 1994 में गोवा की पणजी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पर्रिकर पहली बार विधायक बने थे. मनोहर पर्रिकर साल 2000 में पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने और वह 2002 तक इस पद पर रहे.

2002 में ही पर्रिकर दोबारा गोवा के मुख्यमंत्री बने और 2005 तक इस पद पर रहे. गोवा के 2007 विधानसभा चुनाव में हार के बाद बीजेपी राज्य की सत्ता से बाहर गई और 2012 में सत्ता में लौटी. 2012 में पर्रिकर एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री बने. साल 2014 में केंद्र में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनी. इस सरकार में मनोहर पर्रिकर को रक्षा मंत्री बनाया गया. वह 2017 तक इस पद पर रहे. 2017 में मनोहर पर्रिकर एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री बने.

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