वामपंथी पत्रकारों को भारी पड़ा न्यायपालिका को चुनौती देना, जानिए कौन है वो पत्रकार और क्या है उनका अपराध

एनडीटीवी के एंकर रवीश कुमार और सीएनएन टीवी के एंकर संकेत उपाध्याय ने न्यायपालिका के खिलाफ टिप्पड़ी कर जिस प्रकार न्यायपालिका का अपमान किया है. इस मसले को लेकर महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-17 में परिवाद पेश किया गया है और अब इस मसले पर 6 जून को अदालत में सुनवाई होगी.

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परिवादी अधिवक्ता सीसी रत्नू की ओर से परिवाद में कहा गया कि गत दिनों हाईकोर्ट न्यायाधीश महेशचन्द्र शर्मा ने अपने अंतिम कार्य दिवस पर गायों के संरक्षण को लेकर आदेश पारित किया था. आदेश के बाद एनडीटीवी पर रविश कुमार ने टिप्पड़ी करते हुए कहा कि अब जब कोई जज बने तो उसे चिड़ियाघर ले जाना चाहिए और बताना चाहिए कि कौन सा पशु कैसे प्रजनन करता है और कौन सा पक्षी आजीवन ब्रहमचारी है और योग करता है. 
एक अन्य चैनल सीएनएन पर संकेत उपाध्याय ने न्यायाधीश के ऊपर टिप्पड़ी कर उनको पिकॉज जज और काऊ जज के नाम से संबोधित किया. रत्नू ने कहा कि जजों की नियुक्ति को लेकर किसी को टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है. कोर्ट इस मामले में 6 जून को सुनवाई  करेगा.
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