एक ऐसा समय आया जब संसद में रविशंकर प्रसाद जी को कहना पड़ा कि- “मोदी सरकार का मंत्री हूं, राजीव गांधी का नहीं”.. लेकिन क्यों ?

अपने पहले ही कार्यकाल से ही इस्लामिक कुरीति तीन तलाक के खिलाफ  कानून बनाने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही केंद्र की मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही सत्र में तीन तलाक बिल को लोकसभा से पास करा लिया है. कल तीन तलाक बिल लोकसभा में पेश किया गया जो पास भी हो गया. हालाँकि की पहले ही तरह ही कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों ने तीन तलाक के प्रावधानों का विरोध किया लेकिन व बिल को लोकसभा से पास होने से नहीं रोक सके.

तीन तलाक बिल पर चर्चा क्ले दौरान केन्द्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस सहित संपूर्ण विपक्ष को आईना दिखाते हुए करारे वार किये. लोकसभा में कानून मंत्री ने कहा कि पीड़ित महिलाएं जब पुलिस में जाती थीं तो पुलिस कहती थी कि उसके पास कार्रवाई का हक नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसी पीड़िता महिलाओं को क्या सड़क पर छोड़ दें? कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि मैं नरेंद्र मोदी सरकार का मंत्री हूं, राजीव गांधी सरकार का नहीं.

कानून मत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, अगर 1986 में यह काम हो गया होता तो हमारे लिए नहीं छोड़ा गया होता. उन्होंने कहा कि समझौता का विकल्प खुला है और हमने हिन्दुओं के खिलाफ आपराधिक बनाया है तो किसी को दिक्कत क्यों नहीं हुई. उन्होंने कहा कि दहेज और घरेलू हिंसा के लिए भी कानून है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विरोध करने वाले बताएं कि उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के लिए किया क्या है? महिलाओं ने बधाई देते हुए कहा कि इस कानून के बाद हमारी ईद और 15 अगस्त आज ही है. यह सवाल धर्म, वोट, पूजा का नहीं बल्कि नारी न्याय, गरिमा और सम्मान का है.

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दहेज के खिलाफ कानून आप  लाए, 498 A आप लाए. फिर शाह बानो के केस में ऐसा क्या हो गया कि भारी बहुमत होने के बाद भी आपके कदम हिलने लगे. रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि शाह बानो से लेकर शायरा बानो तक यही चल रहा है. वोट बैंक की राजनीति के कारण यह हो रहा है. आज 3 तलाक पर कांग्रेस के पांव फिर हिल रहे हैं. कानून मंत्री ने आगे कहा कि हमें मुस्लिमों का वोट कम मिलता है लेकिन जब भी हम जीतते हैं तो सबके साथ, सबके विकास की बात करते हैं.

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