Breaking News:

सामने आया बूढ़े माँ बाप द्वारा बोला जाने वाला झूठ कि उन्हें तो पता ही नही था उनका बेटा …. जब NIA के काम आया आतंकी की माँ द्वारा ही लिखा गया पत्र

जिस आतंकियों को अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली की निचली अदालत ने ISIS विचारधारा से प्रभावित होने व् उनके लिए पैसे इकठ्ठा करने के अपराध में  को सात साल की सजा सुनाई है उनके मामले में चौकाने वाले खुलासे सामने आये हैं .
 
इस मामले में आतंकियों के खिलाफ आतंकियों की ही माँ से मिला पत्र NIA के प्रमुख सबूत के रूप में काम आ रहा है . ..पत्र में आतंकी अदनान हसन डैमडी पर वर्ष 2012 से ले कर वर्ष 2015 के मध्य तमाम दुनिया के कई युवकों को इराक और सीरिया में इस आतंकी संगठन में भर्ती होने के लिए उकसाने का आरोप लगा है . उन्हें जनवरी 2016 में दुबई से एनआईए ने गिरफ्तार किया था।
आतंकी की मां गुलशन बानो द्वारा लिखे गए एक पत्र में सवाल उठाया है कि उनके सम्बन्ध जेहादी और आतंकी लोगों से थे .अरब से कुछ प्रमाण भी बरामद किये गए हैं . NIA के अनुसार उन सब ने जेहादी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन विवरण के अलावा उनकी गतिविधियों और कथित रूप में दुनिया भर से युवकों को फंड स्थानांतरित कर आईएस में भर्ती होने के लिए लुभाया है, यदि इन्हे जल्द से जल्द गिरफ्तार ना किया जाता तो इनकी जहरीली विचारधारा से कई संक्रमित हो चुके होते ..
 

ज्ञात हो की न्यायाधीश श्री अमर नाथ जी ने कश्मीर निवासी  अज़हर  और महाराष्ट्र के रहने वाले  फरहान को सज़ा सुनाई थी ..इन दोनों आतंकियों के साथ आतंक समर्थक अदनान ने भी इनकी मदद की है . ज्ञात हो की कि तीनों को दुबई से भारत लौटते ही 28 जनवरी को NIA ने हिरासत में ले लिया था .. इसमें अदनान पहले इंडियन मुजहिद्दीन से जुड़ा था जो बाद में अधिक खून खराबा और अधिक कट्टरता के लिए जाने जाने वाले ISIS से जुड़ गया था … इस खूनी संघठन को प्रचार प्रसार देने और उसमे आतंकी भर्ती करने के लये अदनान ने  सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म की भी मदद ली। इसमें फेसबुक, व्हाट्सएप, वाइबर और स्काइप हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल है।
Share This Post