विधानसभा चुनाव परिणाम: #SCST एक्ट पर अध्यादेश तथा देवकीनंदन ठाकुर की गिरफ्तारी भारी पड़ी भाजपा को

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की गिनती अभी भी जारी है लेकिन परिणामों की तस्वीर लगभग साफ़ हो चुकी है. अब तक के रुझानों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी अपने तीन राज्य राजस्थान, छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश में चुनाव हार रही है तथा कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर रही है. तेलंगाना में जहाँ टीआरएस ने अपनी सत्ता बरकरार रखी है तो मिजोरम में कांग्रेस ने अपनी सत्ता गंवा दी है तथा MNF पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है.

ये विधानसभा चुनाव जहाँ कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी खुशी लेकर आये हैं तो वहीं ये हार भाजपा के लिए करारा झटका है. भाजपा एक साथ तीन राज्य क्यों हारी, इसके कारणों को जानने की कोशिश करें तो सबसे बड़ा कारण SCST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अध्यादेश लाना रहा. SCST एक्ट पर जिस तरह से केंद्र सरकार ने जल्दबाजी दिखाई तथा कोर्ट के फैसले को पलटते हुए अध्यादेश जारी कर दिया, वह जनता को स्वीकार नहीं हुआ तथा नाराज जनता ने भाजपा को सत्ता से बाहर कर दिया.

SCST एक्ट केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए लेकिन इस विरोध को भाजपा के रणनीतिकार समझ नहीं सके. इसके अलावा दो बार मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की गिरफ्तारी करना भी भाजपा को भारी पड़ा है. बता दें कि मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा छत्तीसगढ़ में देवकीनंदन ठाकुर जी के काफी अनुयाई है. जिस तरह से देवकीनंदन ठाकुर जी ने SCST के खिलाफ आन्दोलन का शंखनाद किया फिर उनको गिरफ्तार किया गया, ये भी भाजपा के खिलाफ गया. चुनावी विशेषज्ञों की मानें तो अगर भाजपा ने SCST पर जल्दबाजी न दिखाई होती, कोर्ट का फैसला नहीं पलटा होता तो निश्चित रूप से आज के नतीजे काफी अलग होते. ऐसा इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश तथा राजस्थान में भाजपा ने कड़ी टक्कर दी है लेकिन छत्तीसगढ़ में भाजपा की करारी हार हुई है. इन्ही तीनों राज्यों में SCST एक्ट पर अध्यादेश के खिलाफ जनता का आक्रोश काफी ज्यादा मुखरता से सामने आया था जो भाजपा की हार का कारण बन गया.

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