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हेमंत करकरे के बारे में साध्वी प्रज्ञा ने जो भी कहा वो सच था.. अब संघ के बड़े नाम ने कही ये बात

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान भोपाल लोकसभा सीट से वर्तमान बीजेपी सांसद तथा तत्कालीन प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ने ठाकुर ने मुंबई आतंकी हमले में शहीद हेमंत करकरे को लेकर एक ऐसा बयान दिया था जिस पर सियासत गरमा गई थी. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था कि हेमंत करकरे ने उनके साथ काफी गलत तरीके से व्यवहार किया था और गलत तरीके से फंसाया था. साध्वी बोलीं थी कि ये उसकी कुटिलता थी, ये देशद्रोह था धर्मविरुद्ध था. वो मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा, तो मैंने कहा था कि आपको जरूरत है तो जाइए. मैंने उसे कहा था तेरा सर्वनाश होगा, उसने मुझे गालियां दी थीं.

साध्वी प्रज्ञा के इस बयान के बाद काफी हंगामा हुआ तथा उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी थी. अब बीजेपी की पितृसंस्था कहे जाने वाले आरएसएस के दिग्गज नेता इंद्रेश कुमार ने हेमंत करकरे को लेकर साध्वी प्रज्ञा के बयान का समर्थन किया है. मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘आंतकी हमले में मारे गए हेमंत करकरे को श्रद्धांजलि दी जा सकती है, पर उनका आदर नहीं किया जा सकता है.’ इंद्रेश कुमार ने कहा कि करकरे ने दूसरे को प्रताड़ित करने का गलत काम किया. उन्होंने यह भी कहा कि हेमंत करकरे पर दिए गए जिस बयान पर विवाद हुआ, उस पर माफी मांगकर प्रज्ञा ठाकुर ने मानवता पेश की है.

इंद्रेश कुमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के दौरान मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को प्रताड़ित किया. उन्होंने कहा कि करकरे आतंकियों की गोली से मरे इसलिए वह शहीद हैं और उनका सम्मानित हैं. हालांकि कांग्रेस सरकार ने एक महिला को प्रताड़ित करने के लिए एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया और भगवा आंतकवाद का नाम देने की साजिश रची. इंद्रेश कुमार ने पूरे मामले में मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि आप लोगों ने इस मामले को लेकर प्रज्ञा ठाकुर से तीखे सवाल किए, जब उन्होंने अपने बयान को सुधार दिया तो आप लोगों को भी इसे देखना चाहिए.

बता दें कि हेमंत करकरे के बारे में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था कि हेमंत करकरे को मुंबई बुलाया, उस समय मैं मुंबई जेल में बंद थी. राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के एक सदस्य ने हेमंत करकरे को कहा कि जब सबूत नहीं है तो साध्वी को छोड़ दो, सबूत नहीं है तो इनको रखना गलत है, गैरकानूनी है, लेकिन वो व्यक्ति कहता है कि मैं कुछ भी करूंगा सबूत लेकर के आऊंगा. मैं कहीं से सबूत लेकर आऊंगा लेकिन साध्वी को नहीं छोड़ूंगा. साध्वी प्रज्ञा ने कहा था कि ये उसकी कुटिलता थी, ये उसका देशद्रोह था, ये धर्म विरूद्ध था. इसके आगे साध्वी प्रज्ञा ने कहा था कि आपको विश्वास करने में थोड़ी देर लगेगी, लेकिन मैंने कहा तेरा सर्वनाश होगा.

साध्वी प्रज्ञा ने कहा था कि मैंने कहा सर्वनाश होगा, ठीक सवा महीने में सूतक लगता है. जिस दिन मैं गई थी उस दिन इसके सूतक लग गया था. ठीक सवा महीने में जिस दिन इसे (हेमंत करकरे) को आतंकवादियों ने मारा उस दिन इस सूतक का अंत हो गया.  विवाद होने पर साध्वी प्रज्ञा ने माफी मांगते हुए बयान को वापस लेते हुए कहा था कि उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि उनके बयान से देश के दुश्मनों को फायदा मिला है. इसलिए वह अपना बयान वापस लेती हैं और साथ ही माफी भी मांगती हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने जो कहा वह उनका व्यक्तिगत दर्द था. इसमें कोई संदेह नहीं है कि हेमंत करकरे एक शहीद हैं और वह आतंकवादियों की गोली से मरे थे.

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