खुलने जा रहा RSS का पहला आर्मी स्कूल.. गद्दारों के खिलाफ ये नई पौध होगी सेना और पुलिस की सहयोगी और इन्ही विभागों में जाने की मिलेगी प्रेरणा

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने एक बार फिर से देश के वर्तमान को जाना और भविष्य का उचित आंकलन किया है . उसके चलते ही एक बार फिर से समय के अनुकूल एक ऐसा कार्य होने वाला है जो आने वाले समय में सक्षम और सबल राष्ट्रवादियो की पूरी टोली खड़ी कर देगा देश के गद्दार और आतंकपरस्तो के खिलाफ.. ये तैयारी है ऐसे देशभक्तों की टोली खड़ी करने की जो भारत की सेना और पुलिसकर्मियों के सहयोगी बनेगे और सफाए में सहयोग करेगे देश के दुश्मनों का ..

राष्ट्र की एकता और अखंडता को बचाए और बनाए रखने के लिए समय को सही समय पर फिर से संघ ने पहचाना है .. शुरू से ही बच्चो को राष्ट्रवाद के साथ शारीरिक दक्षता दिलाने वाला यह राष्ट्रवादी शिक्षा केंद्र उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के शिकारपुर में स्थापित होगा, जहां कि कक्षा 6 से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा दी जाएगी, ये स्कूल सीबीएसई बोर्ड का होगा, यहाँ पर ये भी ध्यान रखने योग्य है कि साल 1922 में शिकारपुर में ही राजेंद्र सिंह उर्फ रज्‍जू भैया का जन्म हुआ था..

सेना से रिटायर होने के बाद भी देश की लगातार फ़िक्र कर रहे पूर्व आर्मी मैन और किसान राजपाल सिंह ने इस स्कूल के निर्माण के लिए जमीन दान की थी,जिसका क्षेत्रफल 20,000 स्‍क्‍वेयर मीटर है, ये स्कूल तीन मंजिला होगा और स्कूल के अलावा हॉस्टल भी बनेंगे, साथ ही स्कूल से लगा हुआ डिस्‍पेंसरी, स्‍टाफ के लिए आवास और एक विशाल स्‍टेडियम होगा, इसको बनाने में करीब 40 करोड़ का खर्चा आएगा। इसकी प्राथमिक स्तर पर जोर शोर से तैयारियां भी शुरू हो गई हैं .

इस स्कूल के लिए न सिर्फ छात्र बल्कि कई अभिभावक भी अभी से उत्साहित हैं .. इस स्‍कूल के ब्रोशर में लिखा है कि देश में सेना, नौसेना और वायु सेना, तीनों सेनाओं में अधिकारियों की कमी है, इसकी वजह यह है कि अधिकांश युवा सैन्‍य अधिकारी बनने के मानदंड को पास नहीं कर पाते हैं, वहीं हर राज्य में एक आर्मी स्कूल है जो भारतीय बलों में अधिकारियों की मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं है, ऐसे में हमारी कोशिश है कि हम ऐसे बच्चों की मदद करें जो कि सेना में जाकर भारत मां की सेवा करना चाहते हैं।

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