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बूचडखानों को लेकर RTI से हुआ ऐसा खुलासा जिससे दंग रह जाएंगे आप…

नई दिल्ली : उत्तरप्रदेश समेत अलग-अलग बीजेपी शासित राज्यों में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ मुहिम जारी है। राज्यों में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ मुहिम शुरु किए जाने के बीच दायर की गई एक आरटीआई से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरटीआई से खुलासा हुआ है कि देश में केवल 1,707 बूचडखाने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत पंजीकृत हैं।

सबसे ज्यादा पंजीकृत बूचड़खाने वाले सूबों की फेहरिस्त में क्रमश: तमिलनाडु (425), मध्यप्रदेश (262) और महाराष्ट्र (249) शीर्ष तीन स्थानों पर हैं, जबकि अरुणाचल प्रदेश और चंडीगढ़ समेत आठ राज्यों में एक भी बूचड़खाना पंजीकृत नहीं है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 58 बूचड़खाने पंजीकृत हैं, जहां अवैध बूड़खानों के खिलाफ नवगठित योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्रवाई चर्चा में है।

पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) इंडिया के अनुसार देश में अवैध बूचड़खानों की संख्या 30,000 से ज्यादा है। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड ने बताया कि फूड सेफ्टी ऐंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने उन्हें ये आंकड़े फूड लाइसेंसिंग ऐंड रजिस्ट्रेशन सिस्टम के जरिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर दिए हैं।

गौड ने कहा कि मुझे आरटीआई के तहत मुहैया कराए गए इन आंकड़ों की रोशनी में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में कितनी बड़ी तादाद में अवैध बूचड़खाने चल रहे हैं। गौड़ की आरटीआई अर्जी पर भेजे जवाब में एफएसएसएआई के एक अधिकारी ने बताया कि अरणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा व नगर हवेली, दमन व दीव, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में एक भी बूचड़खाना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत पंजीकृत नहीं है।

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