राष्ट्रभक्तों के हीरो बने बिजनौर के साहसी और जांबाज़ पुलिस अधीक्षक IPS संजीव त्यागी जिनके निर्देश में पुलिस ने मदरसे में मारा छापा और बरामद किये हथियार


ये उत्तर प्रदेश के इतिहास का बहुत समय बाद एक ऐसा कार्य था जिसको करने के लिए सिर्फ वर्दी और पद नही बल्कि कलेजा भी चाहिए था … यहाँ बात मदरसे की थी जिसके ऊपर शासनादेश जारी कर के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक भारत के तमाम सेकुलरिज्म के नकली ठेकेदारों के निशाने पर आ गये थे.. कार्य भले ही समाज और राष्ट्र के हित का हो लेकिन बीच में झूठा शोर मचाने वालों की आवाजों में सच की धीमी आवाज दब कर रह जाया करती थी और अंदर सब कुछ चलता रहा .

कई हिन्दू संगठन भी आये दिन आरोप लगाया करते रहे हैं कि शासन और प्रशासन मदरसों के अंदर किसी भी कार्यवाही से कतराता है, इस घटना से पहले उनके हिसाब से पुलिस भी कार्यवाही से पीछे हट जाया करती थी .. उनके आरोप कई अन्य स्थानों पर पुलिस की कार्यशैली से सही भी साबित हुआ करते थे.. जरा जरा सी बातों को इतना बढ़ा कर बताया जाता था जैसे कि कर्तव्य पथ पर चल कर भी पुलिस ने कोई बहुत बड़ी भूल कर दी हो .. लेकिन आख़िरकार लिखा गया एक नया इतिहास बिजनौर से ..

इस बार बिजनौर पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मदरसे में अवैध और घातक हथियार छिपे हुए हैं.. इस समय बिजनौर पुलिस के मुखिया IPS संजीव त्यागी हैं जिनके लिए ये सूचना किसी चुनौती से कम नहीं थी .. निश्चित रूप से IPS संजीव त्यागी ने इस चुनौती को ज्यादा समय गंवाए बिना स्वीकार किया क्योकि ये मामला जुड़ा था कई लोगों के जीवन की रक्षा से और समाज की सुरक्षा से.. वर्दी का मान रखने का आखिरकार फैसला किया गया कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी SP बिजनौर संजीव त्यागी की तरफ से ..

इस मामले से सबसे ख़ास बात IPS संजीव त्यागी और उनके अधिनस्थो की सतकर्ता का प्रमाण है जिस पर बहुत कम लोगो ने ध्यान दिया .. एक मदरसे के अन्दर एक दवा के डिब्बे में हथियार छिपा कर रखे गये हों और उसकी जानकारी पुलिस को हो जाये तो समझा जा सकता है कि कितना सतर्क रही होगी बिजनौर की पुलिस.. बिना किसी वाद विवाद की चिंता किये IPS संजीव त्यागी और उनके अधिनस्थो ने मदरसे को ऐसे घेरा कि किसी को कानो कान खबर भी नहीं हुई और किसी को हथियार को हटाने का समय नहीं मिला ..

निश्चित तौर पर अगर ये छापा नाकामयाब होता तो IPS संजीव त्यागी अब तक कई मजहबी गुरुओं और सेकुलरिज्म के नकली ठेकेदारों के निशाने पर आ चुके होते और मुस्लिम विरोधी आदि का आरोप झेल रहे होते पर शाबासी देने योग्य है को दृढ़ता और वो रिस्क जो संजीव त्यागी ने लिया और आख़िरकार इस छापे की सार्थकता को साबित किया.. अभी कुछ ही समय पहले गाजियाबाद अर्थला के एक मदरसे से में एक बच्ची से हुई दरिंदगी में दिल्ली पुलिस के पसीने छूट गये थे कार्यवाही करने में ..

संजीव त्यागी के नेतृत्व में बिजनौर पुलिस ने ये कार्य इतना सतकर्ता और तेजी से किया कि न तो हथियार छिपाने का मौका मिला किसी को और न ही दोषियों को भागने का समय मिला .. मदरसे में बच्चे भी थे जिनको ढाल बनाये जाने का रिस्क था पर सब कुछ इतनी संतुलित रूप से किया गया कि किसी को सोचने समझने का मौका भी नहीं मिला .. निश्चित तौर पर ये एक बड़ा अभियान था जो ठीक उसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश की बिजनौर पुलिस द्वारा किया गया जैसे भारतीय सेना अक्सर कई स्थानों पर किया करती है ..

इस सफल अभियान और हथियारों की बरामदगी के बाद मुलजिमो की गिरफ्तारी होते ही समाज में जहाँ एक तरफ दोषियों को सजा दिलाने की मांग शुरू हो गई वहीँ दूसरी तरफ इस प्रकार के सहस और सतर्कता के लिए बिजनौर पुलिस की प्रसंशा भी हो रही है . इस बड़े अभियान में बिजनौर पुलिस के CO कृपा शंकर कनौजिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.. अब आम जनता अन्य स्थानों से भी इसी प्रकार की संतुलित कार्यवाही की आशा कर रही है जिसकी शुरुआत बिजनौर पुलिस ने अपने मुखिया संजीव त्यागी के नेतृत्व में शानदार अंदाज़ में की है ..

 

रिपोर्ट –

राहुल पाण्डेय

सहायक सम्पादक – सुदर्शन न्यूज 

मुख्यालय – नोएडा

मोबाईल – 09598805228 

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