धन्यवाद कीजिये चंदौली पुलिस का जिसने बेनकाब कर दिया साजिश के तमाम चेहरों को वरना तैयारी थी सभ्य और शांत समाज को बदनाम करने की

वो पुलिस प्रशासन वर्तमान समय में चल रहा है पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के नेतृत्व में जिनका चंदौली ही नहीं अब तक सारा पुलिस कैरियर बेदाग रहा है.. उन्हें अपराधी या साजिशकर्ता की हर हरकत बारीकी से पता होती है और उसकी नीचता किस स्तर तक जायेगी ये भी उन्हें पता होता है .. इसीलिए चंदौली आतंकवाद मुक्त, उन्माद मुक्त और अपराध मुक्त जिला कहा जाता है .. यहाँ तक कि इन्ही प्रयासों से ये जनपद नक्सलवाद मुक्त भी हो चुका है जो कभी यहाँ का मुख्य दर्द हुआ करता था .

अपने अधीक्षक के नेतृत्व में उनके सिपहसालार भी उसी तेजी और सक्रियता से एक शांत और सुरक्षित चंदौली बनाने की तरफ अग्रसर थे जिसमे DSP त्रिपुरारी पांडेय, प्रदीप सिंह चंदेल आदि प्रमख हैं.. अक्सर पुलिस की सक्रियता अपराध हो जाने के बाद आरम्भ होती है लेकिन यहाँ की विशेषता ये है कि ये अपराध शुरू होने से पहले ही उसके सम्भावित कारणों पर नजर रखती है.. जय श्री राम के नाम पर जो विवाद खड़ा करने की कोशिश की गई वो भी इसी सक्रियता के चलते विफल हुई जिसके लिए चंदौली पुलिस हर तरफ सराहना की पात्र बन रही है..

अचानक ही एक हव्वा खड़ा करने की कोशिश की गई कि जनपद चंदौली में एक मुस्लिम लड़के को इसलिए जला कर मार दिया गया गया क्योकि उसने जय श्री राम बोलने से मना कर दिया. फिर शुरू हुआ ट्विटर का खेल और एक गिना चुना वर्ग झूठ को सच के पेंट में पोतने के लिए दिन रात एक कर दिया.. लेकिन जो सच फौलाद की तरह और चंदौली पुलिस चट्टान की तरह अडिग रही और आखिरकार झूठ से सभी बादल इस पहाड़ से टकरा कर एक ही जगह बरस गये ..

अगर चंदौली के मामले पर गौर किया जाय तो ट्विटर पर जय श्री राम वाली अफवाह उड़ाने वालों में से 90 % ऐसे लोग हैं जो कभी चंदौली आना तो दूर , चंदौली किस तरफ है ये भी नहीं जानते होंगे . इस मामले में स्वीडन तक रहने वालों ने चंदौली की घटना को खुद से गढ़ कर ट्विट किया था जबकि उन्हें शायद चंदौली की सामाजिक , भौगोलिक या एतिहासिक जानकारी शून्य हो.. लेकिन समाज की शांति और सुरक्षा के वो शत्रु बनने में ही खुद को आनंदित महसूस कर रहे थे जो पुलिस की सक्रियता से सफल नहीं हो पाई .

इन सभी अफवाहबाजो को चंदौली पुलिस ने दिन रात जाग कर प्रतिउत्तर दिया.. मुह से पूछे सवाल का जवाब मुह से , टी वी पर पूछे सवाल का जवाब टी वी से , ट्विटर का जवाब ट्विटर से.. निश्चित तौर पर सीमित संसाधन के बाद भी जिस प्रकार से चंदौली पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिल कर इस अफवाह का खंडन किया वो प्रसंशा की पात्र है . सुदर्शन न्यूज चंदौली वेब जर्नलिस्ट श्री प्रशांत सिंह लगातार चंदौली के प्रशासनिक अधिकारियो के सम्पर्क में रहे और उन्हें सत्य व प्रमाणिक तथ्य लेते रहे और उसको वास्तविक रूपों में सबके आगे पेश करते रहे..

सुदर्शन न्यूज चंदौली वेब जर्नलिस्ट श्री प्रशांत सिंह के अनुसार ​सैयदराजा नगर पंचायत के लोहिया नगर निवासी खालिक अंसारी रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गया. शुरू में सब शांत रहा क्योकि ये मामला स्थानीय स्तर पर था जिसमे सभी ये जान चुके थे कि इस लड़ने के कतिपय कारणों से खुद से खुद को आग लगाईं लेकिन जब ये मामला एक खास सोच और मानसिकता वालों के पास पंहुचा तब उन्होंने सोशल मीडिया पर हल्ला बोल शुरू कर दिया और अफवाह उडानी शुरू कर दी .

जमीनी हकीकत से कोसों दूर और चंदौली को ठीक से न जानने वाले भी फेसबुक और ट्विटर हैंडलो से अफवाह उड़ाई जाने लगी कि  जय श्रीराम न बोलने पर यादव जाति के कुछ लड़कों ने आग के हवाले कर दिया. मामले की गम्भीरता की सूचना मिलते ही मौके पर तमाम फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई। वहीं, पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो पूरा मामला फर्जी निकला। खालिक ने खुद को आग के हवाले किया था, लेकिन उसने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया? इसकी पड़ताल चल रही है।

हमारे संवाददाता प्रशांत सिंह के अनुसार पुलिस की जांच में झुलसे युवक ने घटनास्‍थल और घटी घटना के बारे में बार बार अपना बयान बदला.  छानबीन के दौरान जिस जगह घटना होनी बताई गई, वहां से काफी दूर एक मजार के पास खालिक के कपड़े और चप्पल बरामद हुए. प्रथम दृष्टया ये लगता है कि मजार पर तंत्र-मंत्र के चक्‍कर में आग लगने से युवक झुलसा, लेकिन गांव के पुराने विवाद को लेकर मामले को दूसरा रूप देने के लिए उसने चार युवकों द्वारा जलाए जाने का बयान दिया है.

अफवाह का विधिवत खंडन करने एक बाद निश्चित तौर पर पुलिस उन अफवाहबाजो के गिरेबान तक जायेगी जिन्होंने शांत चंदौली की फिजा में जहर घोलने की कोशिश की है और विश्वस्तर पर भारत की बदनामी की साजिश में चंदौली को मोहरा बनाने का नापाक प्रयास किया है. सूत्रों के अनुसार इस मामले में किसी जाहिद अंसारी का नाम भी आ रहा है .. खालिक के झुलसने के बाद उसके पिता जुल्फीकार के साथी जाहिद अंसारी ने मनराजपुर के यादवों द्वारा खालिक को अगवा कर जलाने की अफवाह फैलाई और अस्पताल में भी खालिक से गलत बयान तथा नाम दिलवाया। वायरल विडियो में उसकी भी आवाज सामने आयी है।

चंदौली के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कहा कि, सवैंया के पास ​अखबार बांटने वाले ​हॉकर ने उसे जले हुए हालत में जाते हुए भी देखा था। लोगों से पूछताछ में यह भी बात सामने आ रही है कि खालिक रोज घर से सुबह 6 बजे के बाद निकलता था। लेकिन रविवार को वह रात्रि दो-तीन बजे ही निकल गया था। इतनी रात में वह क्यों निकला तथा कहां गया इसका जबाब परिजन भी नहीं दे पा रहे हैं। पूर्व सभासद मुजफ्फर हुसैन ने पुलिस को बयान दिया है की पीड़ित पिता के दोस्त जाहिद अंसारी इस मामले को तूल पकड़ा रहा है और हवा दे रहा है।

घटना के बाद हालात पर लगातार नजर रखे और सम्बन्धित अधिकरियो से लगातार सम्पर्क में रहे सुदर्शन न्यूज चंदौली वेब जर्नलिस्ट व संवाददाता प्रशांत सिंह के अनुसार फिलहाल चंदौली पुलिस की जांच और कार्यवाही एकदम सटीक और सही मार्ग पर चल रही है.. न सिर्फ चंदौली जनपद बल्कि पूरे भारत के तमाम लोगों ने अफवाहों को विराम देने और सही को सही व गलत को गलत कहने की चंदौली पुलिस की दृढ़ता को सराहा है .. कार्यवाही से संतुष्ट समाज अब उन अफवाहबाजो पर कार्यवाही की प्रतीक्षा कर रहा है जिन्होंने धार्मिक मामलो को अपनी कुत्सित सोच सफल करने का एक हथकंडा जैसा बना डाला है .. फ़िलहाल चंदौली पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्यवही कर रही है .

तस्वीरों में SP संतोष कुमार सिंह और DSP त्रिपुरारी पाण्डेय-

रिपोर्ट –

राहुल पाण्डेय 

सहायक सम्पादक – सुदर्शन न्यूज 

मुख्यालय नॉएडा –

मोबाईल –  9598805228

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