राष्ट्र के आक्रोश को मोदी सरकार ने दी आवाज.. 5 अलगाववादी आतंकियों की सुरक्षा ली वापस

पुलवामा आतंकी हमले में 40 से जयादा जवानों के बलिदान के बाद राष्ट्र के आक्रोश को केंद्र की मोदी सरकार ने भी अपनी आवाज दी है तथा बड़ा फैसला लेते हुए मीरवाइज उमर फारुक समेत पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है. सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले के बाद भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकियों के साथ उनके मददगारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. मीरवाइज उमर फारुक के अलावा अब्दुल गनी बट्ट, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन, शब्बीर शाह हैं.

राज्य गृह विभाग के एक आदेश के मुताबिक, ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाईज मौलवी उमर फारुक, प्रो अब्दुल गनी बट, बिलाल गनी लोन, शब्बीर शाह और हाशिम कुरैशी को प्रदान की गई सुरक्षा व सुरक्षा वाहन और अन्य सुविधाएं वापस ली जाती हैं. इसके अलावा अगर कोई अन्य सरकारी सुविधा भी इनको प्राप्त है तो वह भी हटाई जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि आदेश के मुताबिक अलगाववादियों को दी गई सुरक्षा एवं उपलब्ध कराए गए वाहन रविवार शाम तक वापस ले लिए जाएंगे. किसी भी बहाने से उन्हें या किसी भी अलगाववादी नेता को सुरक्षा या सुरक्षाकर्मी नहीं मुहैया कराए जाएंगे. अगर सरकार ने उन्हें किसी तरह की सुविधा दी है तो वह भी भविष्य में वापस ले ली जाएगी.

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के साथ संदिग्ध तौर पर संपर्क रखने वाले कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को मिली सुरक्षा की समीक्षा की, जिसके बाद ये फैसला किया गया. शीर्ष अधिकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने एक सुझाव दिया था जिसके बाद ऐसे व्यक्तियों को मिली सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी, जिन पर आईएसआई के साथ संबंधों का शक है. इसके बाद अलगाववादियों की सुरक्षा तथा अन्य सरकारी सुविधाएँ वापस ली गई हैं.

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को श्रीनगर में हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेताओं समेत अलगाववादियों का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा था कि पाकिस्तान और उसकी जासूसी एजेंसी आईएसआई से धन पा रहे लोगों को दी गई सुरक्षा पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए. ऐसे तत्व और ताकतें हैं जो पाकिस्तान और आईएसआई से धन लेते हैं. मैंने संबंधित अधिकारियों से उनकी सुरक्षा पर पुनर्विचार करने को कहा है. उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में कुछ तत्वों के तार आईएसआई और आतंकवादी संगठन से जुड़े हैं, लेकिन सरकार उनकी सोच को परास्त करेगी. ऐसे लोग जम्मू कश्मीर की जनता और राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खेल रहे हैं. आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई निर्णायक दौर में है और मैं देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम इसमें जीतेंगे.

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