गिरफ्तार संदिग्ध ISIS आतंकियों के लिए नूरुल्लाह के नेतृत्व में खड़ी हुई वकीलों की फ़ौज जबकि 4 साल से जेल में बंद सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह अभी भी तरस रहा न्याय के लिए

३ वर्ष से भी ज्यादा समय हो चुका है उत्तर प्रदेश पुलिस के एक जांबाज़ अधिकारी को जेल काटते हुए . उस समय सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह जो कानून का रक्षक था और उसकी वर्दी ने कई बार तमाम लोगों की अपने क्षेत्र में रक्षा की थी. पर उस पुलिस अधिकारी के खिलाफ पूरे भारत में शपथ जैसी ली गयी कई जगहों पर कि उनका मुकदमा कोई नहीं लडेगा. २ साल तक तो उन्हें वकील भी नहीं मिले .. न जाति के नाम पर बने संगठन सामने आये और न ही धर्म के नाम पर खड़े कोई समूह वाले आवाज उठाये . पुलिस विभाग ने भी कुछ समय तक साथ दिया और उसके बाद खामोश हो गये ..

लेकिन जब देश के अन्दर तबाही मचाने की मंशा लिए कुछ आतंकियों को NIA ने गिरफ्तार किया तो उनके लिए वकीलों की लाइन लग गयी . एक समूह जिसको जमीयत उलेमा ए हिन्द कहा जाता है उसने तो खुल कर इन संदिग्ध आतंकियों की पैरवी का एलान कर दिया .. किसी भी सामाजिक संस्था या धार्मिक समूह ने इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई . उन्होंने ने भी नहीं जिन्होंने सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह के खिलाफ कोई वकील न खड़ा करने की चेतावनी दी थी . कुल मिला कर ये एक ऐसी विचारधारा को दर्शा रहा है जहाँ पर एक वर्दी वाले इंस्पेक्टर के लिए कोई भी रास्ता नहीं बचता और आतंक एक अपराध में गिरफ्तार संदिग्धों के लिए तमाम लोग खुद चल कर उनके पास पहुच जाते हैं .

विदित हो कि एनआईए की छापामारी में दिल्ली और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार मुस्लिम नौजवानों के समर्थन में तमाम लोगों ने अपने अपने हिसाब से आवाज उठानी शुरू कर दिया है . इस मामले में मजहबी विचारधारा वालों ने भी अपनी दस्तक दे ही दी है . अब इसी मामले में बिना किसी की चिंता किये और बिना किसी की परवाह किये ही जमीअत उलमा ए हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी के निर्देश पर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट [एनआईए कोर्ट] में जमीअत के अनेक वकील दिनभर मौजूद रहे और उन सभी को कानूनी दांव पेच के माध्यम से राहत दिलाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं .

गिरफ्तार हुए आरोपियों की तरफ से पेश हुए’ जमीअत के वकील एडवोकेट नूरुल्लाह ने बताया कि वकीलों की प्रार्थना पर अदालत ने आरोपियों को उनके परिवारों से मिलने की इजाजत दी इसके अलावा वकीलों के विरोध करने पर एनआईए टीम के 15 दिन के रिमांड को निरस्त करते हुए उसे 12 दिन में सीमित कर दिया. दूसरी तरफ संस्था के एक प्रतिनिधिमंडल ने अमरोहा जाकर इन आरोपियों के परिवारों से मुलाकात की अमरोहा से 8 किलोमीटर दूर सैयदपुर एमा के रहने वाले सईद और रईस गिरफ्तार हुए हैं, इसी तरह शहर अमरोहा में आरोपी मुफ्ती सुहेल के परिवार वालों मुफ्ती हमजा और चचा कफील और आरोपी इरशाद की मां आदि से भी मुलाकात की.  मौलाना महमूद मदनी महासचिव जमीअत उलमा ए हिंद ने कहा कि उनकी जमात बेकसूर नौजवानों को कानूनी सहायता उपलब्ध करने पर वचनबध है, हमारे वकील उनके हालात पर पूरी नजर रखे हुए हैं . मौलाना ने कहा कि इस बात को हरगिज स्वीकार नहीं करती है कि आतंकवाद के नाम पर बेकसूर लोगों को निशाना बनाया जाए.

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