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28 साल बाद आया फैसला, शहाबुद्दीन ने ली राहत की सांस

नई दिल्ली : 28 साल पहले मिली ट्रिपल मर्डर केस में सज़ा से आज सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को राहत मिली है। कोर्ट ने शहाबुद्दीन को इस मामले में रिहा कर दिया है। बता दें कि 2 फरवरी 1989 को जुगसलाई में युवा कांग्रेस के तत्कालीन जिलाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा, जनार्दन चौबे और आनंद राव की गोली मार कर हत्या की गई थी। 
इस संबंध में मृतक प्रदीप मिश्रा के अंगरक्षक ब्रह्मेश्वर पाठक के बयान पर मो. शहाबुद्दीन, रामा सिंह, साहेब सिंह समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में पिछले दस सालो से पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पेशी नहीं हुई थी। वहीं, इस मामले में 3 अप्रैल को शहाबुद्दीन की तिहाड़ जेल से ऑनलाइन पेशी हुई थी। वह 15 मिनट तक एडीजे कोर्ट के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में ऑनलाइन खड़े रहे। 
तिहरे हत्याकांड में उनका बचाव पक्ष में बयान भी ऑनलाइन ही दर्ज किया गया था। जिसमें शहाबुद्दीन ने खुद को निर्दोष बताया था। बचाव पक्ष से अधिवक्ता जी बराट बाबला अदालत में पेश हुए थे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तिहाड़ जेल में बंद पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पेशी हुई थी। इससे पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि शहाबुद्दीन को तिहरे हत्याकांड में बयान दर्ज कराने के लिए जमशेदपुर की अदालत में लाया जा सकता है। लेकिन सिवान से तिहाड़ जेल में हुए उसके स्थानांतरण के बाद एक याचिका के आधार पर उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।
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