शहाबुद्दीन ने पहले लूटी इज्जत, फिर अदालत में ही इशारा किया गला कटने का….

हम एक कहावत अक्सर सुनते आए हैं कि एक तो चोरी और ऊपर से सीना जोरी, इस कहावत का उदाहरण हमने सुना ना हो पर देख जरूर लिया है। दुनिया के लिए नासूर बन चूके नापाक मुस्लमानों में से एक शहाबुद्दीन ने इस कहावत का उदाहरण पेश कर दिया है। ब्यावर में शहाबुद्दीन पर बलात्कार का एक मुकदमा चल रहा था. की सुनवाई के दौरान शहाबुद्दीन ने मजिस्ट्रेट के सामने ही पीडि़ता को जान से मारने की धमकी दें कर अपनी बदनाम कौम को और बदनाम कर दिया।

यह मामला अपर जिला जज संख्या एक का है, सुनवाई के दौराने मुस्लिम की हवस का शिकार हुई पीडि़ता व उसके परिजन के बयान हो रहे थे, इसी वक्त मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन भी न्यायालय में ही था। पीड़िता बयान देकर बहार निकल रही थी की अचानक सामने खड़े आरोपी शहाबुद्दीन ने पीड़िता को धमकाते हुए न्यायधिश के सामने ही अपने हाथ से उसका गला काटने का इशारा किया।

आरोपी शहाबुद्दीन की इस हरकत पर पीड़िता जब चिल्लाने लगी, तब न्यायधिश ने आरोपी शहाबुद्दीन को घेरे में लेने के साथ ही पीडि़ता को सुरक्षा प्रदान करने के आदेश दिए. शहाबुद्दीन की सुनवाई के बाद उसको कड़ी सुरक्षा में न्यायालय से सेदरिया जेल भेज दिय गया, व स्थानीय पुलिस ने पीडि़ता को उसके घर कुशल पूर्वक छोड़ा।
आपको बता दें कि पिछले वर्ष सितम्बर 2011 में एक किशोरी को सेमला झाक निवासी शहाबुद्दीन (23) अपहरण कर जोधपुर ले गया। जहाँ से किशोरी को केरल ले गया, जहां उससे मानवता को तार-तार कर कई बार दुष्कर्म किया गया।

आरोपि शहाबुद्दीन के न होने पर किशोरी ने वहां रखे आरोपि के मोबाइल से परिजन को फ़ोन किया। स्थानीय पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपि शहाबुद्दीन को केरल के एक होटल से गिरफ्तार कर पीडि़ता को शहाबुद्दीन की और दरिंदगी से बचा लिया.

Share This Post