असीमानंद ही नहीं, भारत भर के हिंदूवादी थे निशाने पर.. पीट पीट कर कहते थे कि– “लिख दे योगी आदित्यनाथ का भी नाम”


असीमानंद के बाइज्जत बरी होने के पहले ही तमाम खुलासे हो चुके हैं . इस से पहले जमानत पर बाहर आये मामले के आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी ने बताया कि कांग्रेस के दबाव में ही यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को मामले में फंसाने की साजिश रची गई थी.उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान साध्वी प्रज्ञा को जांच अधिकारियों ने पॉर्न मूवी और अश्लील फोटो दिखाकर टॉर्चर किया था.मालेगांव ब्लास्ट में शामिल होने का आरोप लगाकर एटीएस ने 15 दिन कस्टडी में रखा.

रातभर पट्टे से पीटा और उलटा लटका दिया.पत्नी-बच्चों को आरोपी बनाने की धमकी देकर भाजपा नेता, उत्तर प्रदेश के वर्तमान सीएम और संघ प्रमुख सहित कई बड़े नेताओं के नाम कबूलने का दबाव बनाया. जानकारी के अनुसार, पूर्व की यूपीए सरकार ने योगी आदित्यानाथ और मोहन भागवत को मालेगांव मामले में फंसाने की बड़ी साजिश रची थी.कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं पी चिदंबरम, शरद पवार और दिग्विजय सिंह के कहने पर ही जांच अधिकारी मालेगांव गांव को भगवा आतंकवाद करार देने में लगे थे.

लेकिन आखिरकार सच की जीत हुई. जांच अधकारियों द्वारा अपने साथ की गई क्रूरता के बारे में बताते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि जांच के दौरान उनके साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया गया था.कई दिनों तक उन्हें भूखा रखा गया था.बाथरूम में करंट लगाकर रखा और पूरा नंगा कर पैरों के तालू पर लाठी से मारते थे.इसके अलावा सुधाकर चतुर्वेदी ने यह भी बताया कि जांच अधिकारी साध्वी प्रज्ञा को लैपटॉप पर पॉर्न मूवी और अश्लील फोटो दिखाकर टॉर्चर किया.आपको बता दें कि वर्ष 2008 में मालेगांव में एक कब्रगाह पर बहुत बड़ा धमाका हुई था.इस धमाके में 30 लोगों की मौत गई थी जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे.कांग्रेस शुरुआत से ही इस धमाके को भगवा आतंकवाद से जोड़ रही है.सुधाकर चतुर्वेदी नौ साल पर जमानत पर रिहा हुए हैं.मामले में NIA साध्वी प्राची को क्लीन चिट दे चुकी है.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...