सुरेश चव्हाणके जी की मुहिम बनी राष्ट्रीय मुद्दा,, शिवसेना ने पूरे भारत में बुर्का बैन की मांग की.. “राष्ट्र सर्वोपरि”


सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक श्री सुरेश चव्हाणके जी की हिंदुस्तान में बुर्का बैन की मांग व राष्ट्रीय मुद्दा बनती हुई प्रतीत हो रही है. श्रीलंका आतंकी हमलों के बाद श्री सुरेश चव्हाणके जी ने अपने “बिंदास बोल” कार्यक्रम में कहा था कि हिंदुस्तान में बुर्के को बैन किया जाना चाहिए क्योंकि इसकी आड़ में कट्टरवादी लोग आतंकी वारदातों तथा अन्य कुकृत्यों को अंजाम दे सकते हैं. इससे पहले भी सुदर्शन मजहबी कट्टरपंथ पर लगाम लगाने की मांग करता रहा है.

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हिंदुस्तान में श्री सुरेश चव्हाणके जी की बुर्का बैन की मांग को अब शिवसेना का समर्थन मिला है. शिवसेना के मुखपत्र सामना में मोदी सरकार से मांग की गई है जिस तरह से श्रीलंका में बुर्का बैन किया गया है, वैसे ही भारत में किया जाना चाहिए. सामना में कहा गया है कि सीरियल बम धमाकों के बाद श्रीलंका में बुर्का और नकाब सहित चेहरा को कवर करने वाली हर चीज पर बैन लगा दिया गया है. वहां की सरकार ने यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लिया गया है. हम इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी को भी श्रीलंका के राष्ट्रपति के कदमों पर कदम रखते हुए हिन्दुस्तान में भी बुर्का और उसी तरह नकाब बंदी करें, ऐसी मांग राष्ट्रहित के लिए कर रहे हैं.

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सामना में लिखा गया है कि रावण की लंका में बुर्का बैन हो चुका है लेकिन राम की अयोध्या में कब होगा. शिवसेना ने फ्रांस, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए भारत में भी बुर्के और उस तरह के नकाब पर पाबंदी को राष्ट्रहित में बताया है. सामना में लिखा गया है, ‘सरकारी आंकड़ें जो भी हो, फिर भी कोलंबो के बम विस्फोट में 500 से अधिक मासूमों की बलि चढ़ी है. लिट्टे के आतंक से मुक्त हुआ यह देश अब इस्लामी आतंकवाद की बलि चढ़ा है. हिंदुस्तान, विशेषकर इसका जम्मू-कश्मीर प्रांत उसी इस्लामी आतंकवाद से त्रस्त है. सवाल इतना नही है कि श्रीलंका, फ्रांस, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन जैसे देश जिस तरह सख्त कदम उठाते हैं, उसे तरह के कदम हम कब उठाने वाले हैं?’

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सामना में कहा गया है कि भीषण बम विस्फोट के बाद श्रीलंका में बुर्का और नकाब सहित चेहरा ढकने वाली हर चीज पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह फैसला लिया गया है. हम इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं और पीएम मोदी को भी श्रीलंका के राष्ट्रपति के कदमों पर कदम रखते हुए हिन्दुस्तान में भी ‘बुर्का और उसी तरह के नकाब’ बंदी करें, ऐसी मांग राष्ट्रहित के लिए कर रहे हैं. बुर्का बैन’ को ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक जितना हिम्‍मत का कार्य’ बताते हुए सामना में यह भी कहा कि अगर किसी तरह की धर्मांधता, रूढ़‍ि या परंपरा राष्‍ट्रीय सुरक्षा के आड़े आती है तो उसे जरूर खत्‍म कर दिया जाना चाहिए.

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