जम्मू में रोहिंग्या मौलवी मोहम्मद यूसुफ की दरिंदगी बता रही है कि कितना मजबूर किया गया रहा होगा म्यंमार के शांतिप्रिय बौद्धों को


ये उन तमाम कारणों में से एक कारण हैं जो संसार के सबसे शांतिप्रिय लोगों में शामिल बौद्ध मतावलम्बी कितने मजबूर हुए होंगे कुछ नरपिशाचों की दरिंदगी से और फिर उन्हें ही खड़ा करने का प्रयास भी किया गया हिंसा के कटघरे में .  इन्हें म्यंमार में कभी मजदूर आदि के रुप में शरण देने वाले बौद्धों को नही पता रहा होगा कि ये अपनी आबादी तेजी से बढ़ा कर आने वाले समय में मांगने लगेंगे एक नया देश उन बौद्धों से जो अपने पुरखों के त्याग व बलिदान से अपनी सीमाओं की रक्षा कर पाए .. जी हां, भारत ने भी देखने शुरू कर दिए खूंखार रोहिंग्यो के असली रूप को ..इसकी शुरुआत इन्हें शरण देने वाले कैम्प जम्मू से हुई है ..

विदित हो कि जम्मू के शहर के नरवाल क्षेत्र स्थित रोहिंग्या बस्ती में चलने वाले एक मदरसे के रोहिंग्या मौलवी पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ करने का केस दर्ज किया गया है। शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया कि मौलवी ने यौन शोषण करने की कोशिश की। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी मोहम्मद यूसुफ म्यांमार का रहने वाला है। आरोप है कि उसने मदरसे में पढ़ने वाली 11 साल की छात्रा का यौन शौषण करने की कोशिश की। छात्रा ने इसके बारे में अपने परिवार को जानकारी दी।

इसके बाद अभिभावकों ने त्रिकुटा नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मौलवी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। आरोपी पर पॉक्सो एक्ट भी लगाया गया है। इस मामले के बाद रोहिंग्या समर्थक खामोश देखे गए हैैं .. इतना ही नहीं बेटी व महिला के सम्मान की दुहाई देने वाले तमाम बड़े नाम रोहिग्या शब्द आते ही स्वतः खामोश हो गए हैं ..

 


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