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भारत के सरकारी आंकड़ों में शामिल हुए रोहिंग्या… यहाँ तक कि अब सरकार का भी करेंगे फैसला


म्यांमार में बौद्ध तथा हिन्दुओं का कत्लेआम करके हिंदुस्तान में घुसपैठ कर चुके रोहिंग्या आक्रान्ता अब भारत के सरकारी आंकड़ों में जगह बना चुके हैं. जिस तरह रोहिंग्या औंमादियों के समर्थन में भारत के तमाम बुद्धिजीवी खड़े हुए थे, उसका असर भी दिखना लगा है. रोहिंग्याओं को हिंदुस्तान के एक राज्य में वो ताकत मिल गई है कि वो अब यहाँ की सरकार का भी फैसला करेंगे. आपको तेलंगाना में रोहिंग्याओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हुए हैं तथा उन्हें मतदाता पहचान पत्र भी दिया गया है.

भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग से मिलकर शिकायत की है कि तेलंगाना में हैदराबाद में 15 विधानसभा सीटों पर मतदाता सूची में अवैध तरीके से रोहिंग्या मुसलमानों के नामों को शामिल कर लिया गया है और इस ‘संयुक्त साजिश’ में सत्तारूढ़ टीआरएस के साथ एमआईएमआईएम एवं कांग्रेस पार्टी भी शामिल है. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास के नेतृत्व में इस शिष्टमंडल में पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूण सिंह, अनिल बलूनी, ओम पाठक, पी वेंकट रमण आदि शामिल थे . BJP शिष्टमंडल ने आयोग को एक ज्ञापन सौंपा और इस घटना की जांच कर अवैध तरीके से मतदाता सूची में शामिल किये गए नामों को हटाने की मांग की .

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने दावा किया कि एक साजिश के तहत एक खास वर्ग के लोगों के नाम बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से हटाये गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक परिवार ऐसे हैं जहां एक परिवार में कई दर्जन नामों को जोड़ा गया है. नकवी ने कहा कि ऐसे में पार्टी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि इसकी जांच की जाए और गलत तरीके से शामिल किये गए नामों एवं रोहिंग्या मुसलमानों के नामों को सूची से हटाया जाए.


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