सुकमा हमले को लेकर सामने आए चौंकाने वाले खुलासे, नक्सलियों को मिल रही थी तीन गांवों से मदद

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए नक्सली हमले में एक चौकाने वाला खुलासा हुआ है। एक सीआरपीएफ अधिकारी के जरिए खुलासा हुआ है कि जवानों पर हुए नक्सली हमले में स्थानीय ग्रामीण भी शामिल है। सीआरपीएफ की अंदरूनी जांच के हवाले से यह बात सामने आई है कि हमले में नक्सलियों की 3 गांवों ने मदद की थी। अधिकारी के मुताबिक, बुर्कापाल, चिंतागुफा और कासलपाड़ा गांव के ज्यादातर लोग हमले में अप्रत्यक्ष तौर पर शामिल थे। 
ऐसा माना जा रहा है कि हो सकता है कि इन ग्रामीणों ने नक्सलियों के डर से उनकी मदद की हो। सेना के साथ मुठभेड़ खत्म होने के बाद इन ग्रामीणों ने नक्सलियों को खाना और पनाह दी थी। हालांकि, गांवलालों ने इन सारे आरोपों से इंकार किया है। बुरकापाल के सरपंच विजय दुला ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि हमले के समय गांव में कोई भी मौजूद नहीं था। लोग बीजू पोंडम का त्योहार मनाने पास के जंगल में गए थे। हमारे गांव में कोई गोलीबारी नहीं हुई। जब हम वापस लौटे तो हमें गोलियों की आवाज सुनाई दी। हमने खुद को अपने घरो में बंद कर लिया था। 
अधिकारी ने बताया कि जवानों को नक्सलियों के मुकाबले ज्यादा करीब से गोली मारी गई। उन्होंने इस बात का भी आरोप लगाया कि नक्सलियों ने सीआरपीएफ के हमले से बचने के लिए कई बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया। बता दें कि नक्सलियों ने दोरनापाल और जगरगुंडा के बीच निर्माणाधीन सड़क में गश्त लगा रही सीआरपीएफ की टीम को निशाना बनाया था, जिसमें 25 वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
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