जिन्होंने शुरू की थी अवार्ड वापसी की साजिश.. अब वह इतना बदल गए हैं, ये किसी ने भी नहीं सोचा था

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मोदी सरकार के फैसले के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है. उत्तर से लेकर दक्षिण तो पूरब से लेकर पश्चिम तक सावन के महीने में होली तथा दिवाली भी मनाई जा रही है. हालाँकि इस बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सकरार के इस फैसले के खिलाफ हैं. लेकिन इस बीच एक ऐसे व्यक्ति ने कश्मीर से 370 हटाए जाने के फैसले का समर्थन किया है जो कभी मोदी सरकार का तीव्र विरोधी था तथा जिसने अवार्ड वापसी की शुरुआत की थी.

आपको बता दें कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसले को कभी अवॉर्ड वापसी की शुरुआत करने वाले साहित्यकार उदय प्रकाश का समर्थन मिला है. उदय प्रकाश ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में 5 अगस्त की तारीख को ऐतिहासिक बताते हुए एक तरह से सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. बता दें कि उदय प्रकाश सरकार के कई कदमों के मुखर विरोधी रहे हैं और साल 2016 में उन्होंने साहित्‍य अकादमी सम्‍मान लौटाकर अवॉर्ड वापसी की शुरुआत की थी.

उदय प्रकाश ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ‘कई तरह की व्याख्याएं होंगी, भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें और बहसें होंगी, लेकिन आज की तारीख़ (5 अगस्त 2019) इतिहास में दर्ज तो हो ही गई. यह कागज के पन्नों पर नहीं, इस उपमहाद्वीप के भूगोल पर उकेरा गया वर्तमान है, जो अब आने वाले भविष्य के हर पल के साथ इतिहास बनता जा रहा है.’

उन्होंने लिखा है, ‘धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर आज के दिन भारत का अभिन्न हिस्सा बन गया, अब उस स्वर्ग या जन्नत के फ़रिश्ते भी देश के सामान्य नागरिकों के अविभाज्य अंग बन कर उसमें घुलमिल जायं, इससे अधिक और क्या कामना हो सकती है? अब जम्मू-कश्मीर समेत समूचे देश की जनता के मूलभूत संवैधानिक नागरिक अधिकार समान और एक हो गये हैं. अब हमारे संघर्ष और उपलब्धियाँ, जय और पराजय भी एक ही होंगे.’

Share This Post