गुरुग्राम: CCTV फुटेज आई सामने तो बेनकाब हुए वो तमाम चेहरे जिन्होंने साजिश रची थी हिन्दुओं को बदनाम करने की

देश की राजधानी दिल्ली से सटे सायबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम में सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास शनिवार रात एक कथित तौर पर एक मुस्लिम युवक की टोपी फेंकने और उससे ज़बरदस्ती ‘जय श्रीराम’ बुलवाने वाले मामले में नया खुलासा हुआ है. इस खुलासे के बाद वो तमाम चेहरे एक बार फिर से बेनकाब हो गये हैं जो गुरुग्राम मामले की आड़ में एक एजेंडे के तहत हिन्दू समाज तथा हिन्दू संगठनों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे.

खबर के मुताबिक़, पुलिस ने जांच में पाया है कि मुस्लिम युवक मोहम्मद बरकत अली के साथ मारपीट ज़रूर हुई है, लेकिन न तो उसकी टोपी फेंकी गई और न ही उसकी शर्ट किसी ने फाड़ी थी. पुलिस की शुरुआती जांच में ही मुस्लिम युवक के आरोप निराधार नज़र आ रहे हैं. सीसीटीवी की फुटेज देखने पर सामने आया है कि युवक को आरोपी ने नहीं, बल्कि एक अन्य युवक ने रोका था. फुटेज में न तो शिकायतकर्ता युवक की टोपी फेंकी गई है. न ही उसके कपड़े फाड़ने की कोई घटना है.

करीब डेढ़ मिनट से कम समय की सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद साफ हो गया है कि एक मामूली से झगड़े को किस प्रकार साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है. वहीं, मामला दर्ज कराने वाला मुस्लिम युवक बरकत पुलिस की जांच के दौरान अपने बयानों से कई बार पलटा. सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस से पूछताछ में उसने अब कहा है कि उसके साथ 5-6 नहीं सिर्फ एक लड़के से मामूली झगड़ा हुआ था. साफ है कि एक साजिश के तहत जानबूझकर सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही थी.

आपको बता दें कि गुरुग्राम में शनिवार रात नमाज पढ़कर लौट रहे एक युवक बरकत ने आरोप लगाया था कि उसके साथ 5-6 लड़को ने टोपी पहने होने वजह से झगड़ा किया था और उसकी टोपी फेंक दी थी. लड़कों ने उसको जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाने के लिए बोल रहे थे और विरोध करने पर उसके साथ जमकर मारपीट की गई थी. पुलिस ने इस मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया था और उनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए 24 घंटे के अंदर 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली है.

सीसीटीवी की एक फुटेज में खुलासा हुआ है कि करीब 10 बजे बरकत गुरुग्राम के सदर बाज़ार की बड़ी मस्जिद से नमाज अदा करके अपने घर के लिए निकला, तो थोड़ी दूर जाने पर उसके पीछे एक लड़का आता है जो कि शराब के नशे में था, उसने बरकत को रोका, दोनों में हल्का झगड़ा हुआ. इस झगड़े में आरोपी न तो बरकत की टोपी को हाथ लगता है, न ही उसकी शर्ट फाड़ता हुआ दिख रहा है. इसी बीच वहां एक सफाई कर्मचारी मौजूद था, जिसने बीच बचाव करके दोनों को अलग कर दिया.

बरकत ने आरोपी को धक्का दिया तो आरोपी जाता हुआ दिख रहा है जबकि बरकत वही खड़ा रहता है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कुछ असामाजिक तत्व छोटी सी मारपीट की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह शराब के नशे में मामूली मारपीट की घटना है. फुटेज को साफ करवाने के लिए लैब भेजा है, ताकि आरोपी की पहचान करवाई जा सके.

 

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