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पहले जिन्ना के साथ खड़े हुए, अब आतंकी मन्नान के लिए नारे लगाये.. ये वो जगह है जिस यूनिवर्सिटी में जुड़ा हुआ है मुस्लिम नाम

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय उस समय अचानक से सुर्ख़ियों में आया था जब वहां के छात्रों ने भारत का बंटवारा कर पाकिस्तान बनाने वाले मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाने से इनकार कर दिया था. अब एक बार पुनः AMU सुर्ख़ियों में है जब जिन्ना के समर्थक AMU के छात्र भारतीय सेना द्वारा मार गिराए गये दुर्दांत इस्लामिक आतंकी मन्नान वानी के समर्थन में नारे लगा रहे हैं. ये वो लोग हैं जो एकतरफ जिन्ना तथा मन्नान वानी के लिए नारे लगाते हैं वहीं दूसरी तरफ कहते हैं कि उनकी राष्ट्रभक्ति पर शक न किया जाये.

आपको बता दें कि कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गये हिजबुल मुजाहिदीन आतंकवादी मन्नान बशीर वानी के अंतिम संस्कार की प्रार्थना में शामिल होने के मामले में अलीगढ़ मुस्लिम विश्व विद्यालय प्रशासन ने तीन कश्मीरी छात्रों को निलंबित करने के बाद नौ अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इस मामले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी विश्वविद्यालय से एक रिपोर्ट मांगी है. राज्य सरकार ने एएमयू परिसर में सुरक्षा को बढ़ा दिया है. एएमयू के अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी वानी के समर्थन में एक शोक समारोह में शामिल होने के बारे शुक्रवार को एक वीडियो को वायरल होने के बाद इस मामले में नौ अन्य छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. वीडियों में दिखाया गया है की वानी की अंतिम संस्कार की प्रार्थना में छात्र आजादी के भी नारे लगा रहे हैं. जिन नौ छात्रों को नोटिस जारी किया गया है, उसमें ज्यादातर कश्मीर के हैं, जिन्हें नोटिस जारी किया गया है, उसमें वसीम, अब्दुल हबीब मीर, पीरजादा डेनिश सबीर, इजाज अहमद भट्ट, मोहम्मद सुल्तान खान, राकूब सुल्तान, सामीुल्ला रथार, शौकत अहमद लोन और महबूबल हक शामिल है.

एएमयू के प्रवक्ता और प्रोफेसर शाफेई किदवई ने कहा कि गुरुवार को एएमयू परिसर के हॉल के पास आतंकी वानी के लिए अंतिम संस्कार करने की कोशिश करने के बाद तीन छात्रों को निलंबित कर दिया गया है. उन्होने स्पष्ट तौर पर कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय-विरोधी गतिविधिया नही चलने दी जायेंगी. गौरतलब है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के भूू-गर्भ विज्ञान विभाग का शोध छात्र रहा मन्नान वानी जनवरी में अचानक आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़कर भाग गया था तथा इसके बाद हाल ही में उसे भारतीय सेना ने मार गिराया था.  सुरक्षा बलों के साथ कश्मीर में मारे जाने की खबर आते ही गुरुवार को कुछ कश्मीरी छात्रों ने उसे न सिर्फ भाई बताया, बल्कि कैंपस में आतंकी के जनाजे की नमाज तक पढऩे की कोशिश की तथा आजादी के नारे लगाये.

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