स्मृति ईरानी अब अमेठी की होंगी स्थाई निवासिनी.. मुंबई त्याग वहां वोट बनेगा जहाँ ध्वस्त किया था कांग्रेस का किला

उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की सांसद तथा केन्द्रीय मंत्री वो करने जा रही हैं जो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से 15 साल सांसद रहने के दौरान भी नहीं कर सके. स्मृति ईरानी ने ऐलान किया है कि अब वे अमेठी की वोटर बनने जा रही हैं. अब स्मृति ईरानी अमेठी में घर बनाने जा रही हैं. वे गौरीगंज इलाके में अपना घर बनवाएंगी. स्मृति ईरानी ने अपने अमेठी दौरे पर शनिवार को इस बात की घोषणा की. बता दें फिलहाल स्मृति ईरानी मुंबई की वोटर हैं.

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दरअसल किसी इलाके की वोटिंग लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने के लिए वहां का स्थायी निवासी होना जरूरी है. इसके लिए वहां परमानेंट एड्रेस भी जरूरी होता है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर अमेठी सांसद बनने वाली स्मृति ईरानी दो दिन के दौरे पर शनिवार को अमेठी गईं थी तथा वहीं उन्होंने घोषणा की कि अब वह अमेठी की स्थाई बनकर रहेंगी तथा अमेठी में अपना घर बनवाएंगी. स्मृति ईरानी ने कहा कि इसके लिए उन्होंने एक जमीन का हिस्सा (भूखंड) गौरीगंज में देख लिया है.

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स्मृति ईरानी ने अमेठी में एक जनसभा के दौरान कहा कि नामदार लोग यहां से सांसद चुन कर जाने के बाद पांच साल लापता रहते थे. अमेठी की जनता चिराग लेकर यहां से दिल्ली तक खोजती थी फिर भी नहीं मिलते थे. उन्होंने कहा कि अमेठी की जनता के फैसले की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी है. अमेठी की जनता ने नामदारों की विदाई कर विकास को चुना है. एक सामान्य परिवार के सदस्य को अमेठी ने मौका दिया है. उन्होंने कहा, ‘पूरी ईमानदारी से सेवा करूंगी. उन्होंने कहा कि अमेठी में अब मेरा स्थायी घर होगा और यह सबके लिए खुला रहेगा. अब मैं यहां की अतिथि नहीं रहूंगी.

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राहुल गांधी अमेठी से पहली बार 2004 में चुनकर लोकसभा पहुंचे थे. राहुल 2019 तक यानी 15 साल यहां के प्रतिनिधि रहे. इससे पहले 1999 में यहां से सोनिया गांधी को जीत मिली थी. इतने समय तक इस सीट का प्रतिनिधित्व करने के बाद भी गांधी परिवार ने यहां पर अपने लिए कोई स्थायी घर नहीं बनवाया था. वे यहां आने पर गेस्ट हाउस में रहा करते थे. अमेठी में स्मृति ईरानी के घर बनवाने के फैसले से यह साफ है कि वे अमेठी में गांधी परिवार की वापसी नहीं होने देना चाहती हैं तथा लंबे समय तक अमेठी से जुडी रहना चाहती हैं.

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