सेना को मोदी का जीवन रक्षक तोहफा. पैरों में बारूद रोधी जूते तो सर पर बुलेटप्रूफ हेलमेट

लगातार चीन और पाकिस्तान से सिमा विवाद को लेकर उलझते भारत ने चीन को पहले ही चेतावनी दे चुका कि अब वह 1962 वाला भारत नहीं है। सिमा पर उनके रवैया को देखते हुए भारत ने एक लिमिडेट वॉर की तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय सेना अपने हथियार में भी आधुनिकीकरण को बढ़ाने पर जोर दिया है। भारतीय सेना के जवान अब दुश्मनों से और भी डटकर मुकाबला करने के लिए कमर कस ली है। आतंकवादियो का खात्मा करना हो या, भारतीय सीमा पर घुसपैठ रोकना। 
इन सभी ऑपरेशन के दौरान अब भारतीय सेना के जवानों के सिर पर आधुनिक तकनीक से लैस बैलिस्टिक हेल्मेट होगी, जिसे आतंकियों की गोलियो का भी कुछ असर नही होगा। आत्याधुनिक बैलिस्टिक हेल्मेट काफी मात्रा में भारतीय सैनिक को सौंप दिए गए है। इस आधुनिक हेल्मेट को पहले जम्मू कश्मीर और भारत-चीन सीमा पर तैनात जवानों को दिए जाएंगे। इस बलिस्टिक हेल्मेट को सेना की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। फिलहाल, भारतीय नौसेना को 14,000 हेल्मेट मुहैया कराया जायेगा।
भारतीय सेना को दिए जाने वाले इस अत्याधुनिक हेलमेट को बनाने की जिम्मेदारी MKU को दी गयी है। MKU संयुक्त राष्ट्र और नाटो को सैन्य उपकरण सप्लाई करने का काम करता है। MKU ने पहली खेप में 7500 हेलमेट्स की सप्लाई की है। जिसमें से 2500 हेलमेट्स संयुक्त राष्ट्र में तैनात भारतीय सैनिकों को दिए जाएंगे और 5000 हेलमेट्स सैनिकों को दि जाएंगे। केंद्र सरकार ने कुल MKU को 1.58 लाख बैलिस्टिक हेलमेट बनाने का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। यह हेलमेट सैनिकों को 9 एमएम रेंज की गोलियों से बचाने में सक्षम है।
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