Breaking News:

छात्र ने कहा – बाइबिल नहीं वन्देमातरम गाऊँगा .. बस , उसकी जिंदगी और कैरियर दोनों हो गए तबाह

ये कृत्य बहुत पहले से चल रहा था . उसे सब जानते थे . क़ानून मंत्रालय भी , शिक्षा मंत्रालय भी .. पर सब आँख मूँद कर देख रहे थे .. और इसका विरोध करने की हिम्मत जब एक ने की तो उसकी जिंदगी और कैरियर कर डाला बर्बाद . 

मामला इलाहाबद के नैनी क्षेत्र स्थित शियाट्स कालेज का है . वहां बहुत पुराना नियम है कि वहां प्रार्थना हमेशा बाइबिल की करवाई जाती है. काफी लम्बे समय से ये सब वहां चलता रहा , कभी किसी ने इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई और सब भले ही वो किसी धर्म , पंथ या मज़हब से रहे हो , वो चुपचाप बाइबिल गाते रहे . 

अचानक कुछ लोगों को बदले परिवेश और माहौल में ये कार्य थोड़ा उचित नहीं लगा . उन्होंने सोचा कि एक वर्ग भर को सम्बोधित करने वाली बाइबिल के बजाय यहाँ सम्पूर्ण भारत को सम्बोधित करता हुआ वन्देमातरम का गान होना चाहिए और इसी आशा और उम्मीद के साथ एक PHD छात्र अभय ने कालेज प्रबंधन को प्रार्थना पत्र दे दिया . उसमे निवेदन था कि कृपया भारत की सीमा के अंदर आने वाले इस विश्व विद्द्यालय में बाइबिल के बजाय वन्देमातरम करवाई जाय .

कालेज प्रबंधन उस प्रार्थना पत्र को पाते ही आग बबूला हो गया और सीधे उस छात्र को बुलाते हुए कहा कि ये सब यहाँ नहीं चल सकता और अगर तुम्हारे ऊपर ज्यादा ही देश्बक्ति सवार है तो उसका इलाज हम कर देते हैं . अगले दिन उस छात्र के हाथ में निलंबन का लेटर पकड़ा कर कहा गया कि आगे की पढ़ाई वहां से जाओ करो जहाँ तुम्हारा वन्देमातरम चलता हो .. अभय अपना कैरियर और जीवन तबाह होता देख कर एक बार तो चकरा गया पर उसकी एक भी दलील सुनने को शियाट्स कालेज प्रबंधन तैयार नहीं था . 

हार कर ये बात उसने अपने अन्य साथियों को बताई तो काफी दिन से दबा कुचला छात्र वर्ग आंदोलित हो उठा और अपने मित्र अभय की बहाली की मांग करने लगा . पर कालेज प्रशाशन जरा सा भी झुकने को तैयार नहीं हुआ . अंत में वो छात्र अपने मित्र छात्रों के साथ इलाहाबाद के जिलाधिकारी से मिला और अपने लिए न्याय माँगा .. छात्र अभय का कहना है कि अभी तक कालेज या इलाहाबाद प्रशासन ये नहीं बता पाया कि उसे किस बात की सज़ा मिली है .

ये घटना राष्ट्र के अंदर चल रही एक बहुत बड़ी आतंरिक षड्यंत्र को चिन्हित करती है जिसका सीधा सम्बन्ध उन छात्रों से है जिन्हे डाक्टर , इंजीनियर या कुछ और बनने से पहले अपने धर्म या मजहब के लिए समर्पण करवाया जा रहा है वो भी जबरदस्ती …. 

सुदर्शन न्यूज को आर्थिक सहयोग करने के लिए नीचे DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW