नामी कंपनी के बड़े अधिकारी पर जब महिला ने लगाया यौन शोषण का आरोप तब बेगुनाही साबित करने के लिए बचा था अकेला रास्ता

देश की नामी आईटी कंपनी जेनपैक्ट में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्य करने वाले  स्वरूप राज पर उन्हीं की ऑफिस की दो महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लगाये तो वह बर्दाश्त नहीं कर सके. उन्होंने ये साबित करने के तमाम प्रयास किये कि उनके खिलाफ लगाये गये यौन शोषण के आरोप झूठे हैं. लेकिन उनके ये सारे प्रयास नाकाफी रहे तब उनके पास अपनी बेगुनाही साबित करने का जो आखिरी रास्ता था वो अपनाया. स्वरूप राज ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

बता दें कि स्वरूप राज पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद कंपनी ने उन्हें निलंबित कर दिया गया था. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास स्थित पैरामाउंट सोसायटी में रहने वाले जेनपैक्ट कंपनी के सहायक उपाध्यक्ष स्वरूप राज ने फांसी लगाने से पहले अपनी पत्नी के नाम एक सुसाइड नोट भी  लिखा था. स्वरूप राज ने पत्नी कृति के नाम लिखे सुसाइड नोट में लिखा है कि, ‘वह उनसे बहुत प्यार करते हैं. उन पर झूठे यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं. उन्हें ऑफिस की ही लड़कियों ने झूठा फंसाया है. यदि जांच में उनको निर्दोष भी घोषित कर दिया गया फिर भी आरोप लगने की वजह से लोग उनको शक की निगाह से देखेंगे. इस तरह वो कैसे दोबारा कंपनी जाएंगे?

स्वरूप राज एर्नाकुलम केरल के रहने वाले थे. वो नोएडा में पैरामाउंट सोसायटी में अपनी पत्नी कृति के साथ रहते थे. स्वरूप की शादी दो साल पहले ही हुई थी. उन्होंने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि उन पर लगे आरोपों के कारण पत्नी की समाज में इज्जत कम होगी. वह यह सब बर्दाश्त नहीं कर सकेंगे. बताया जा रहा है कि स्वरुप राज को कंपनी मैनेजमेंट ने जांच पूरी होने तक उनको नौकरी से निलंबित कर दिया था और कंपनी की तरफ से दिया गया लैपटॉप भी वापस ले लिया था. यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद कंपनी प्रबंधन ने जांच पूरी होने तक कंपनी के किसी भी कार्य में हिस्सा नहीं लेने की बात स्वरूप से कही थी. जिस कारण वह मानसिक रूप से परेशान थे. उन्होंने सोमवार रात 12 बजे के करीब घर के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. पत्नी जब घर पहुंची तो उन्होंने देखा कि स्वरूप का शव पंखे से लटका हुआ है. पत्नी ने मामले की सूचना पुलिस को दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

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