सुदर्शन उठाएगा आवाज काशी के उन दोनों जांबाज़ पुलिस इंस्पेक्टरों की जिन्हें मिली है अशरफ केस में 10 साल की सज़ा

जब लाश ही नहीं मिली तो कैसे पता की क़त्ल हुआ है या नहीं ?

कत्ल करने वाले ही क्या मुकदमा दर्ज कराएंगे ?
गायब हुआ अशरफ खुद भी आरोपी था एक मामले में ?
यदि वो आरोपी नहीं था तो उसको लेने पुलिस को वाराणसी से अजमेर क्यों जाना पड़ा ?
यदि वो पुलिस वाले गलत होते तो हर पेशी पर समय से बिना छूटे हाजिर क्यों हुए ?
उन दोनों ने हर जांच हर पड़ताल में पूरा सहयोग दिया , जबकि वो भाग भी सकते थे ..
फिर भी उन दोनों को मिली है सजा . वो भी दस दस साल की .. उन दोनों के कंधे पर वर्दी थी , वो वर्दी जो समाज की रक्षा के लिए पहनी थी और वो दोनों उसको बखूबी कर भी रहे थे . सुदर्शन न्यूज कर्नल पठानिया की ही तरह काशी के बहुचर्चित अशरफ अपहरण कांड में निचली अदालत द्वारा दोषी पाए गए पुलिस इंस्पेक्टर धर्मनाथ और भृगुनाथ की आवाज अपनी पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ उठाने का संकल्प लेता है .. सुदर्शन न्यूज उन दोनों जांबाज़ पुलिस वालों के परिवार वालों के साथ पूरी तरह से खड़ा है और हमारे समाज के रक्षक पुलिस की वर्दी पर लगे दाग को मिटने के लिए अपनी शक्ति और सामर्थ्य से पूरा प्रयास भी करेगा
इस मामले में शिकायतकर्ता वादी हफीजुल्ला के बयानों में काफी विरोधाभास भी सामने आया है जिसकी विधिवत पड़ताल कर के उच्च न्यायालय में याचिका पेश होने वाली है . इस पूरी मुहीम में सुदर्शन जांबाज़ पुलिस वालों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलने को वचनबद्ध है .
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