सुदर्शन न्यूज़ परत दर परत खोल रहा है सहारनपुर दंगों का सच, भीम आर्मी का हुआ पर्दाफाश

नई दिल्ली : जुर्म की दुनिया के रास्ते रेत खनन की बदौलत शिक्षा माफिया बना सफेदपोश हाजी इकबाल बाला। न सिर्फ खौफ पैदा कर अपनी काली कमाई के दम पर सहारनपुर और उत्तराखंड में अपना राज चला रहा है बल्कि कुदरती नदियों के रुख को अपने मन मुताबिक मोड़ चुका है। उसकी मनमानी के चलते हथिनी कुंड बैराज पर बड़ा खतरा मडराने लगा है।

ये हम नहीं कह रहे है बल्कि बैराज के इर्द-गिर्द रहने वाले ग्रामीण कह रहे है। आपको बता दें कि दिल्ली यमुनानगर और सहारनपुर के हजारों गांव की प्यास बुझाने वाले हथिनीकुंड बैराज और तेजावाल बैराज पर खतरे की बात एनजीटी के फैसले में भी सामने आई थी।

एनजीटी ने सुप्रीम कोर्ट की बनाई सेंट्रल एम्पावरमेंट कमेटी की 2012 की रिपोर्ट के हवाला देते हुए कहा कि ये बात सही है कि करीब 2 लाख 40 हजार 704 क्यूबिक मीटर खनिज का अवैध खनन हाजी इकबाल की कंपनियों ने किया है जिसकी वजह से दोनों बैराजों पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। गौर करने वाली बात है कि हाजी इकबाल ने 2012 के बाद भी बेखौफ खनन को जारी रखा जिसकी वजह से हथिनीकुंड और तेजवाल बैराज बुरी तरिके से बर्बाद हो रहे हैँ।

इतना ही नहीं हथिनीकुंड बैराज के करीब के गांव के लोग दोहरे खौफ में जी रहे है। बैराज के टूटने और जानमाल के भारी नुकसान का खौफ एक तरफ, तो दूसरी तरफ इसके खिलाफ आवाज उठाने पर हाजी इकबाल से मौत का डर, इससे स्थानीय लोग बुरी तरह टूट चुके है। लेकिन बात यहीं तक होती तो भी ठीक था बड़ा खतरा ये है कि जिस अवैध खनन के कारण हथिनीकुंड बैराज पर प्रभाव पड़ा है उसके चलते दिल्ली और उसके आसपास के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

वहीं, हाजी इकबाल की इन कारस्तानियों के पुख्ता सुबूत इस पूरे इलाके में देखे जा सकते हैं। सुदर्शन की मुहिम के बाद हाजी घबरा चुका है, वो अपने अवैध खनन की बदौलत इकट्ठा किए रेत और पत्थरों के ढेर को ठिकाने लगाने में जुट गया है। हमारी जानकारी के मुताबिक पिछले 72 घंटे के दौरान ग्लोकल यूनिवर्सिटी कैंपस में इकट्ठा किए गए लगभग 500 ट्रक रेत और पत्थरों के स्टॉक को ठिकाने लगा चुका है। हमारे पास खबर ये भी है कि सुदर्शन की मुहिम के बाद ईडी ने हाजी इकबाल के देहरादून आफिस पर छापा भी मार दिया है।

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