सवाल देश का और देश की भुजाएं सेना का था…भला अन्याय कैसे होता? खिल उठे राष्ट्रवादियों के चेहरे

सेना देश की रक्षक होती है देश का भगवान होती है. जब सेना के जवान रात को सीमा पर जाग रहे होते हैं तभी देशवासी अपने घरों में चैन से सो पाते हैं. दुश्मनों से देश की सुरक्षा के लिए जवान अपने प्राणों का बलिदान तक देते हैं लेकिन उसके बाद भी जब सेना के खिलाफ आवाजें उठती हैं, सेना के खिलाफ ही कार्यवाही की जाती है तो निश्चित इससे सेना का मनोबल गिरता है.

सेना जो भी कार्यवाही करती है वो सिर्फ और सिर्फ देश की सुरक्षा के लिए देशवासियों की सुरक्षा के लिए करती है उसके बाद भी सेना के खिलाफ FIR होती है तो लोग आक्रोषित होते है. निराश होते हैं.  ऐसे ही एक मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने सेना के पक्ष में ऐसा आदेश दिया जिसके बाद राष्ट्रवादियों के चेहरे खिल उठे. सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा आरोपी मेजर आदित्य के खिलाफ अगली सुनवाई तक कोई कार्यवाही करने पर लोग लगा दी है.

शोपियां मामले में मेजर आदित्य के खिलाफ FIR के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जमू-कश्मीर सरकार ने यूं-टर्न ले लिया है. सुप्रीम कोर्ट में पेश किये गये हलफनामे में सरकार ने कहा है कि FIR में मेजर आदित्य का शामिल नही हैं. हालाँकि ये लिखा गया है कि जिस टुकड़ी के खिलाफ ये केस है उस टुकड़ी में मेजर आदित्य भी थे. सरकार के इस बयान के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफआईआर में मेजर आदित्य का नाम नहीं है अता कोर्ट के अगले आदेश तक मेजर आदित्य के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होगी. इसके बाद कोर्ट ने २४ अप्रैल की तारीख मामले की अगली सुनवाई के लिए तय कर दी.

कोर्ट ने सरकार से कहा कि आदित्य सेना के एक जवान हैं और उनसे जम्मू और कश्मीर की पुलिस एक साधारण अपराधी की तरह व्यवहार नहीं कर सकती है. जम्मू और कश्मीर की सरकार ने कोर्ट में बताया कि मेजर आदित्य का नाम एफआईआर में आरोपी के तौर पर दर्ज नहीं है. इसके बाद कोर्ट ने कहा कि  उनका नाम एफआईआर से जुड़ी घटना के वर्णन में शामिल किया गया है इसलिए उन्हें इस मामले से कभी भी जोड़ा जा सकता है. अतः अगली सुनवाई तक सरकार मेजर आदित्य के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करे.

कोर्ट के इस आदेश के बाद राष्ट्रवादी लोग काफी प्रसन्न हैं तथा उम्मीद जताई है कि मेजर आदित्य की तरह बाकी सारे सेना के जवानों के खिलाफ दायर आरोप वापस लिए जायेंगे व सेना ऐसे ही देश के दुश्मनों का खात्मा करती रहेगी.

 

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