राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार, समय न होने का दिया हवाला

नई दिल्ली : राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि उसके पास इतना समय नहीं है कि वो जल्द सुनवाई कर सके। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षकारों को और समय देने की जरुरत है। पक्षकार वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि स्वामी कोई पार्टी नहीं हैं, मामले का फैसला सुप्रीम कोर्ट को ही करने दें।

उन्होंने कहा कि किसी तीसरे व्यक्ति के कहने पर जल्द सुनवाई नहीं हो सकती, ये एक बड़ा फैसला है। कोर्ट ने कहा कि सुब्रह्मण्यम स्वामी इस मामले में पार्टी नहीं है, ऐसे में आपकी इस मांग की औचित्य नहीं है। बता दें कि 21 मार्च को इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस विवाद का समाधान दोनों पक्ष आपसी सहमति से कोर्ट के बाहर निकालें। अगर जरूरत हुई तो अदालत इसमें हस्तक्षेप करेगी। अदलात की इस टिप्पणी के बाद मुस्लिम पक्ष अदालत के बाहर समाधान के पक्ष में नहीं है।

अदालत ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को आज यानी 31 मार्च तक की समय सीमा दी थी। गौरतलब है कि लखनऊ पीठ ने साल 2010 में जन्मभूमि विवाद में फैसला सुनाते हुए जमीन को तीनों पक्षकारों में बांटने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने जमीन को रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड में बराबर बराबर बांटने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सभी पक्षकारों ने सुप्रीमकोर्ट में अपीलें दाखिल कर रखी हैं जो कि पिछले 6 साल से लंबित हैं।

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