बाबरी केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, एके आडवाणी, एमएम जोशी और उमा भारती सहित 13 लोगों पर चलेगा केस

नई दिल्ली : बाबरी मस्जिद केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना अहम फैसला दिया है। बाबरी केस में अब लखनऊ कोर्ट रोजाना सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों की लखनऊ में एक साथ सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। इनके अलावा 10 लोग और हैं जिन पर बाबरी विवाद में केस चलेगा। 
सुप्रीम कोर्ट से यूपी के पूर्व सीएम और वर्तमान में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद केस की सुनवाई 2 साल में पूरी करने की भी बात कही है। सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सीबीआई के हक में दिया है। सीबीआई चाहती है कि इस विवाद को जल्द से जल्द सुलझाया जाए। गौरतलब है कि इससे पहले 6 अप्रैल को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख दिया था। 
कोर्ट ने कहा था कि हम इसके लिए संविधान के अनुच्छेद-142 का भी इस्तेमाल कर सकते है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया था कि इस मामले में एक ही षडयंत्र है, तो इसके लिए दो अलग-अलग ट्रायल क्यों? पीठ ने कहा कि हम हाईकोर्ट से यह कह सकते हैं कि इस मामले के संयुक्त ट्रायल के लिए एक जज को नियुक्त करें, जो समयबद्ध तरीके से सुनवाई करें, जिससे की इस मामले की सुनवाई दो वर्षों में पूरी हो सके। 
बता दें कि इस मामले के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इसकी सुनवाई के दौरान पिछली सुनवाई में कोर्ट ने लखनऊ और रायवरेली के मुकदमें को एक ही कोर्ट में चलाने का सुझाव दिया था। अगर ऐसा किया जाता है तो लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, कल्याण सिंह जैसे कई बड़े नेताओं को साजिश का धारा में मुकदमे का सामना करना पड़ जाएगा।
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