सरकारी बंगले को अपने पास ही रखने की जिद पाले तेजस्वी यादव को सुप्रीम आदेश.. ममता के बाद अब उन्हें दिखा आइना

लालू प्रसाद यादव और शहाबुद्दीन की गैरमौजूदगी में राष्ट्रीय जनता दल की कमान संभाला रहे तेजस्वी यादव को काफी पहले ही बंगला खाली कर देने का सरकारी आदेश मिला था लेकिन वो उसको लगातार टाल रहे थे . इतना ही नहीं उन्होंने बंगले को बचाए रखने के लिए पहले हाईकोर्ट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट तक का रुख किया था . पर आख़िरकार उन्हें मिला एक एसा सुप्रीम आदेश जो कि उनके लिए बन गया है शर्मिंदगी का सबब .

इस से पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी बंगले के लिए हर सम्भव कोशिशे की थी और आखिर में उनके द्वारा बंगला छोड़ कर जाने के बाद तमाम विवाद खड़ा हुआ था जिसमे टोंटी तक निकालने का आरोप सोशल मीडिया पर चला था .  तेजस्वी यादव पटना के 5 देशरत्न मार्ग पर स्थित उस बंगले में रहते हैं जो डिप्टी सीएम के लिए चिन्हित किया गया है. जब वे बिहार के डिप्टी सीएम थे तो उस हैसियत से उन्हें ये बंगला दिया गया था. लेकिन हाल में बिहार सरकार ने बंगला खाली करने को कह दिया था.

पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बंगला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने तेजस्वी को आज बड़ा झटका दिया है। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने पचास हजार का जुर्माना लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तेजश्वी यादव  इस तरह की याचिका दायर कर  कोर्ट का कीमती समय ख़राब कर रहे हैं। तेजस्वी को अब अपना बंगला खाली करना ही होगा। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई जिसमें कोर्ट ने तेजस्वी की याचिका को खारिज कर दिया है। बता दें कि तेजस्वी के बंगले के विवाद की याचिका को पटना हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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