भगवा को आतंक बताने वालों के मंसूबे ध्वस्त. जेल से शान से बाहर आये स्वामी असीमानंद

जिस भगवा के पीछे कभी कुछ लोगों ने अपनी पूरी तातक लगा दी थी अंत में उन सबको धूल चटाते हुए स्वामी असीमानंद जी आज लगभग 7 वर्ष एक बेहद लम्बे संघर्ष के बाद जेल से बाहर आये. 

कभी विदेशी धर्मपरिवर्तकों के लिए बड़ा रोड़ा रहे स्वामी असीमानंद जी को अपनी राह से हटाने के लिए कुछ लोगों ने लगभग हर सामर्थ्य का प्रयोग किया. और अंत में उन्हें आतंकी बना कर पेश किया गया . पर सत्य और धर्म साथ साथ चलता रहा और आज 7 वर्ष बाद स्वामी असीमानद जी हैदराबाद की चंचलगुडा जेल से बाहर आये. उनके आने का सभी राष्ट्रप्रेमियों और धर्म प्रेमियों ने सहृदय स्वागत किया.


स्वामी असीमानंद जी पर हैदराबाद की मक्का मस्जिद में ब्लास्ट , समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में ब्लास्ट और अजमेर दरगाह में ब्लास्ट के आरोप लगाए गए थे पर अपनी हर कोशिश के बाद भी पूरवर्ती सरकार अपने इस झूठ को साबित नहीं कर पाई. विगत 7 वर्षों में स्वामी असीमानंद जी ने अनेक कष्ट झेले . अमानवीय टार्चर की हर हद से उन्हें गुजारा गया , पर उन्होंने एक पल के लिए भी अपने शरीर से भगवा वस्त्र अलग नहीं किये . 


स्वामी असीमानंद जी के आगमन पर अनेक हिन्दू संगठनों ने ख़ुशी जाहिर करते हुए जल्द ही साध्वी प्रज्ञा और मेजर उपाध्याय जैसे उसी प्रकार की साज़िश के शिकार हिंदुओं की मुक्ति की आशा जताई. 

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