1984 सिख दंगे! कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को कोर्ट ने सुनाई सजा तो मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री कमलनाथ को फांसी की मांग को लेकर अनशन पर बैठे भाजपा नेता ताजिंदर पाल सिंह बग्गा

एकतरफ आज जहाँ राजस्थान, मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की नई सरकार के मुख्यमंत्री शपथ ले रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 सिखों के खिलाफ दंगों के आरोपी कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है. वहीं जब कांग्रेस ने कमलनाथ को मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में चुना तो सरदारों ने कांग्रेस तथा कमलनाथ के खिलाफ जंग का एलान कर दिया है. भारतीय जनता पार्टी के नेता तथा दिल्ली प्रदेश प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा कमलनाथ को फांसी देने की मांग के लिए अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गये हैं.

बता दें कि सिख दंगों में सज्जन कुमार के साथ कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर तथा कमलनाथ भी आरोपी है. अनशन पर बैठे भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने कहा कि कमलनाथ 1984 में सिखों के कत्लेआम का दोषी है तथा कमलनाथ ने ही रकाबगंज गुरूद्वारे में आग लगाई थी. तजिंदर बग्गा ने कहा कि सिखों के नरसंहार तथा पूज्य रकाबगंज गुरूद्वारे में आग लगाने वाले कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस पार्टी ने जहाँ सिखों के जख्मों पर नामक छिडका है तो वहीं सिखों की ह्त्या के एवज में कमलनाथ को इनाम दिया है. बग्गा ने कहा कि जब सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा हो सकती है तब उसी दंगे का आरोपी कमलनाथ मुख्यमंत्री कैसे बन सकता है. तजिंदर बग्गा ने ट्वीट किया है कि सज्जन कुमार-कमलनाथ-टाइटलर की फांसी तक उनकी जंग जारी रहेगी.

बता दें कि सज्जन कुमार को सजा सुनाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि  ‘साल 1947 के विभाजन के दौरान सैंकड़ो लोगों का नरसंहार हुआ था, 37 साल बाद दिल्ली में वैसा ही मंजर दिखा. आरोपी राजनीतिक संरक्षण के चलते ट्रायल से बचते रहे.’ दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ताउम्र जेल में रहेंगे. दिल्ली हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सत्य की जीत होगी और न्याय होगा. दिल्ली हाईाकोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को आपराधिक षड्यंत्र रचने, शत्रुता को बढ़ावा देने, सांप्रदायिक सद्भावना के खिलाफ कृत्य करने का दोषी ठहराया. बता दें कि इस फैसले को सुनाते वक्त न्यायाधीश रो पड़े तथा कहा कि कई दशक से लोग न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं, ये जांच एजेसिंयों की नाकामी है कि अब तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ है. उम्रकैद के अलावा सज्जन कुमार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इसके अलावा बाकी दोषियों को जुर्माने के तौर पर एक-एक लाख रुपये देने होंगे. कोर्ट ने सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर का आदेश दिया है तथा उनके दिल्ली छोड़ने परर रोक लगा दी है.

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