हिंदुस्तान के गया में दी गयी थी दुर्दांत हत्यारो को ट्रेनिंग,, जिस से वो कत्ल कर सकें बौद्धों का


अहमदाबाद बम ब्लास्ट में बेगुनाहो का हत्यारा और मुख्य आरोपी तौसीफ खान हाल ही में गया से गिरफ्तार किया गया है. जिसके बाद एनआइए, आइबी, बिहार

और गुजरात एटीएस की टीम की पूछ ताछ जारी थी. जिसमे बड़ा खुलासा हुआ है. आतंकी तौसीफ गया में राष्ट्र सुरक्षा के खिलाफ साजिश रच रहा था। जिसके

तहत तौसीफ गया में युवाओं को जिहादी और स्लीपर सेल बनने की ट्रेनिंग दे रहा था. जिस से वो गया के बौद्धों का क़त्ल कर सके और राष्ट्र सुरक्षा में विघ्न डाल

सके. लेकिन जांच एजेंसियो ने तौसीफ को पकड़ उसके इस खूंखार प्लान को अंजाम तक पहुँचाने से पहले ही पूर्ण विराम लगा दिया.

दरअसल आतंकी तौसीफ खान सिर्फ सरवर खान के निजी स्कूल मुमताज पब्लिक हाइ स्कूल में गणित का पाठ ही नहीं पढ़ाता था. बल्कि, कई स्थानीय युवाओं को

उसने आतंक का पाठ भी पढ़ाया था. कुछ युवाओं को उसने स्लीपर सेल के रूप में ट्रेनिंग भी दी है. यह खुलासा हाल में एनआइए, आइबी, बिहार और गुजरात

एटीएस की टीम की पूछताछ में हुई है. करीब आठ साल से गया में छिप कर रहने वाला तौसीफ गया में छिप कर रहने के दौरान वह बीच में एक-दो बार

बांग्लादेश में संचालित हूजी (हरकत-उल-जिहाद) के आतंकी कैंप में जाकर ट्रेनिंग भी ली थी. इसमें स्लीपर सेल की ट्रेनिंग भी खासतौर से दी गयी थी.

जिसके बाद

इस ट्रेनिंग के मॉड्यूल के आधार पर ही तौसीफ ने गया के स्थानीय युवाओं को स्लीपर सेल की तरह ट्रेनिंग दी है. जांच एजेंसी ने इन युवाओं की खोज बीन शुरू

कर दी है.

स्लीपर सेल आतंक की वो ट्रेनिंग है जिसमे आतंकी आम आदमी की तरह ही देश में रहते है लेकिन जब उन्हें हमला करने का ऑर्डर दिया जाता है तब ही ये

आतंकी सकिर्या होते है. इन्हे ढून्ढ पाना इसलिए मुश्किल होता है क्योंकि इनका कोई क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं होता है. जिस वजह से इन पर शक कर पाना

मुश्किल हो जाता है. गया दी गयी युवओं को तौसीफ द्वारा स्लीपर सेल की ट्रेनिंग राष्ट्र सुरक्षा के लिए नुकसानदाय हो सकती है अगर इन्हे समय रहते पकड़ा नहीं

गया.

* फोटो सांकेतिक हैं               


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