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सेना प्रमुख ने स्वीकार किया की कुछ महिलायें कर रही है आतंकियों की मद्द्त, साथ ही बताया की उनके खिलाफ लिए जाये कौन से एक्शन

आईएमए देहरादून में पासिंग आउट परेड के दौरान रिक्रूट्स को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कश्मीर में सीमा पर पाकिस्तानी सेना और आतंकवादियों के द्वारा लगातार संघर्षविराम का उलंघन से निपटने के लिए अपने दिल की बात कही और उन्होंने कहा की भारतीय सेना में महिला अफसरों की जरूरत है। क्योकि जब हमारे जवानो की तरफ से कोई भी ऑपरेशन कि जाती है। तो उसके विरोध में भरी मात्रा में महिलाये सामने आ जाती है और फिर सेना पर पथराव भी करती है।
आज कल आतंकी महिलाओ को ढाल बना कर अपने आतंकवादी इरादों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल कर रहे है। आर्मी चीफ ने कहा की हमको आतंकवाद से निपटने के लिए हमे हर रोज नए तरीको को अपनाने की जरुरत है, गौरतबल है की आतंकी हर दिन नए नए नीति को अपना रहे है। इसलिए सबसे पहले हम महिलाओं को मिलिट्री जवानों के रूप में नियुक्ति कराने जा रहे हैं। हमारे रैंक में जवान और सरदार साहेबान होते हैं। अब उस रैंक में महिलाओ की भी जरूरत हैं।
उन्होंने कहा कि अगर हमको आतंकवाद को रोकना है तो हमारे पास भी मॉर्डन टेक्नोलॉजी हो और उसका सही तरीक से इस्तेमाल किए जाए तो देश की जनता को तकलीफ नहीं होगी और साथ ही हम भी सक्षम होंगें सेना प्रमुख ने कश्मीर में हालात बिगड़ने का जिम्मेदार सोशल मीडिया को ठरते हुए कहा कि कश्मीर में मिस इंफॉर्मेशन या डिस इंफॉर्मेशन फैलाया जा रहा है। कहा,भारतीय सेना कश्मीर में अमन और शांति कायम करनी चाहती है। हम किसी से लड़ने नहीं आए हैं। चीन सीमा पर हालात सामान्य हैं।  
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