Breaking News:

गुजरात कांग्रेस की हिल गयी नींव, एक बड़े नेता ने कर दी बगावत

कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें थमने की नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। एक के बाद एक बड़े नेता कांग्रेस का साथ छोड़ते चले जा रहे है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शकंर सिंह वाघेला अपनी पार्टी से खफा चल रहे है। वाघेला के नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की वाघेला ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पार्टी के तमाम बड़े नेताओं को अपने ट्विटर अकाउंट से हटा दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकंर सिंह वाघेला के कार्यकर्ताओ के शक्तिप्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश में कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ही आपस में एक दूसरे पर कीचड़ उठाने से भी बाज नहीं आते है। शकंर सिंह वाघेला ने कहा कि कांग्रेस काम करना नहीं जानती है यही वजह है की कांग्रेस पार्टी विलय की कगार पर है पर हमको अपना विलय नहीं करवाना है।
वाघेला के नाराजगी के बाद से ही यह अनुमान लगाया जा रहा है की शंकर सिंह वाघेला कांग्रेस छोड़ कर भारतीय जनता पार्टी में शमिल होने वाले है जिसके लिए उन्होंने बड़ी संख्या में अपने समर्थन के लिए समर्थक को बुलाया था। जिसके बाद वाघेला ने कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा था की हमारे समर्थक जो करने के लिए कहेगे हम वही करेंगे।उन्होंने कहा की हमने राहुल गाँधी से मुलाकात कर के उनको बताया था की पार्टी के ही नेता पार्टी का विलय करना चाहते है जिसे राहुल गाँधी ने स्वीकार भी किया था। इससे पहले रविवार को वाघेला ने एक कार्यक्रर्म के दौरान कहा कि अब समय आ गया है की गुजरात के आम नागरिक को जिन समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। उन समस्याओ के लिए चुनाव लड़ा जाये मैंने अपनी पूरी जिंदगी में बहुत सारे चुनाव लड़े हैं मेरे लिए राज्य विधनसभा चुनाव कोई महत्व नहीं रखता है
उनका यह बयान उस समय आया जब कांग्रेस ने यहां अपनी आईटी सेल की कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था। इस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के अतिरिक्त राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे। आपको बता दें कि पिछले महीने कांग्रेसपार्टी के 57 में से 36 विधायकों ने प्रस्ताव रखा था की अगर पार्टी प्रदेश में चुनाव जीतती है तो शकंर सिंह वाघेला को  मुख्यमंत्री बनाया जाये।फिरहाल गुजरात के पार्टी प्रभारी अशोक गहलोत ने बताया की चुनाव से पहले पार्टी किसी नाम के साथ चुनाव नहीं लड़ेगी गौरतलब है कि शकंर सिंह वाघेला 1980 से 1991 तक बीजेपी के से प्रदेश अध्यक्ष भी थे। वो  पांच बार लोकसभा सदस्य और एक बार राज्यसभा सदस्य रह चुके और केन्द्र में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं.
Share This Post