कमा कर खाओ हुर्रियत वालों अब नहीं मिलेगा हराम का खाना. हर तरफ सरकार की जयकार

 कश्मीरी हिन्दू पंडितो के सरेआम क़त्ल में शामिल और देश से गद्दारी करने वाले हुर्रियत नेताओं का मोदी सरकार अब हुक्का पानी बंद करने जा रही है। सदा अलगाववाद और पाकिस्तान के समर्थन में बात करने वाले हुर्रियत नेताओं का कश्मीरी युवाओं को बरबाद करने में बहुत बड़ा योगदान है। भारतीय सेना पर पत्थरबाजी करने से लेकर घाटी में आईएसआईएस का झंडा फहराने और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगवाने के लिए इन नेताओं को बाहरी देशो से करोड़ो रूपये की धनराशि प्राप्त होती है।

जिसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर की वादियों में आतंकवाद और अलगाववाद फैलाना है।

 प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जिंतेद्र प्रसाद ने कहा है कि हम हुर्रियत नेताओं पर बड़ी कार्रवाई करने जा रहे हैं। जिसके बाद इनकी दयनीय हालत होने वाली है। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार उनको मिलने वाले खर्च को बंद करने के साथ ही मिलने वाली सारी सुविधाओं पर रोक लग रही है।सरकार का कहना है कि किसी हुर्रियत नेता को आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी।

आवश्यकता है तो नौकरी कर लें लेकिन पैसों की बर्बादी को मोदी सरकार कतई बर्दास्त नहीं करेगी।

वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हुर्रियत नेताओं की फंडिंग को लेकर प्रारंभिक जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं। NIA को शक है कि जम्मू कश्मीर में हाफिज सईद और पाक आधारित आतंकवादियों द्वारा हुर्रियत नेताओं एस.ए.एस गिलानी, नईम खान और अन्य को कश्मीर में हिंसा व दंगे फसाद करवाने के लिए सीमा पार से फंडिंग की जा रही है। जिस पर तुरंत एक्शन लेते हुए NIA के वरिष्ठ सदस्य की एक टीम शुक्रवार को श्रीनगर पहुंची और तुरंत मामले की जांच में जुट गई है। 

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