गृहमंत्रालय चिल्लाता रहा सर्तक रहना, सर्तक रहना पर वो नही मानेे…

नई दिल्ली : श्रीनगर मे रविवार को हुए उपचुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा शुरू हुई। चुनाव होने से पहले गृहमंत्रालय द्वारा चुनाव के उपयुक्त समय न होने के कारण कुछ समय बाद चुनाव करवाने की सलाह दी गई थी।

परंतु गृहमंत्रालय की इस सलाह को नज़रंदाज़ करते हुए EC द्वारा 10 मार्च को ही चुनाव करवाए गए जिस कारण श्रीनगर बड़ी हिंसा का शिकार हुआ। इस हिंसा का कारण गृहमंत्रालय की सलाह न मानना बताया जा रहा है, जिस कारण श्रीनगर के निवासियो को परेशानियों से गुजरना पड़ा।

वहीं, इस हादसे मे 8 लोगो की मौत हुई और 150 से अधिक लोग घायल हो गए। इसका सबसे ज्यादा असर चुनाव की दर पर देखने मिला क्योंकि हिंसा के बीच हुए चुनावो मे केवल 6.5% ही मतदान हुआ है, जो भारतीय मतदान मे अब तक सबसे कम मतदान माना जा रहा है।

इसके साथ ही गृहमंत्रालय से खबरे आ रही है कि इस घटना से घबराए लोगो को देखते हुए कश्मीर मे सत्तारू़ढ़ पीडीपी ने चुनाव आयोग से 12 अप्रैल को अनंतनाग मे होने वाले उपचुनाव को स्थगित करने की मांग की है।

तथा मंत्रालय ने कश्मीर मे होने वाले इन दो सीटो के चुनावो मे अपनी असमर्थता दिखाई है। बताया जा रहा है कि मंत्रालय द्वारा EC को लिखित मे यह कहा गया था कि अभी यह दो सीटो के चुनावो का सही वक्त नही है। मंत्रालय कि बात को नज़रंदाज़ करते हुए यह चुनाव करवाए गए।    

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