मंदिर में घुस पर तोड़ दी भगवान की मूर्तियाँ… चुनौती किसे – सत्ता को या धर्म को ?

देश में मजहबी लोगों को हमेशा से ही भगवान् की मूर्तियों से दिक्कते रही है.कभी राम मंदिर पर बवाल उठाते है तो कभी मूर्ति विसर्जन पर तो कभी मूर्ति को ही तोड़ डालते है.आपको बता दे की इससे पहले भी  उत्तर प्रदेश एक साल में 10 से ज्यादा छोटे बड़े साम्प्रदायिक हिंसा के घाव झेल चुका है.वही बलरामपुर नगर के टेढ़ी बाजार मोहल्ले में सेखुवा परमेश्वरी मंदिर में स्थापित शनि देव की मूर्ति को अराजक तत्वो द्वारा खण्डित कर दिया गया है.इस घटना से टेढ़ी बाजार मोहल्ले वासियों में काफी रोष भरा हुआ है.

यही नहीं ये इस्लामिक संगठनों की सोची समझी चाल भी हो सकती है जो साम्प्रदायिक दंगों को भी अंजाम दे सकती है.जिसके चलते मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. मौके पर सीओ सिटी सहित नगर कोतवाल, देहात कोतवाल भी अपने दल बल के साथ पहुँचकर मामले की छानबीन शुरू कर दिया है.आरोपी विवेक जो नशे की हालत में था स्थानीय लोगो ने जम कर की धुनाई वही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर स्थानीय लोगो ने मुकदमा लिखकर आरोपी पर कार्यवाही की माँग की है.

क्या हिंदुस्तान में हिंदुत्वो की आस्था का कोई महत्व नहीं. हिन्दुवों की आस्था गाय माता की हत्या, उसके बाद हिन्दुवों की जलसों पर हमला, उसके बाद अब मूर्तियों को तोडना कहा तक जायज है. क्या ये हिन्दुवों के खिलाफ कोई साजिश तो नहीं.

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