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नहीं रास आया कुछ को गौमाता का सम्मान, उसे दे डाली ये सजा

नई दिल्ली : बीफ बैन की मांग करने वाले अजमेर की सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन की दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान को सूफी जैनुल के भाई अलाउद्दीन आलिमी ने उन्हें उनके पद से हटाने का ऐलान किया है। अलाउद्दीन ने खुद को हजरत मोईनुद्दीन चिश्ती दरगाह का दीवान घोषित कर दिया।

बता दें कि आबेदीन अली खान ने पीएम मोदी से देश में गौवंश के वध और इनके मांस की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी। साथ ही मुस्लिम समाज से कहा था कि वे पहल करें ताकि बीफ को लेकर दो समुदायों के बीच पनप रहे वैमनस्य पर विराम लगें।

इसके साथ ही सैयद जैनुल ने तीन तलाक को इस्लाम विरोधी बताते हुए कहा था इस्लाम में महिलाओं को सम्मान दिया गया है। ऐसे में शरियत का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और तीन तलाक के नाम पर महिलाओं का उत्पीड़न नहीं करना चाहिए। दरगाह में 805वां सालाना उर्स चल रहा है।

इसी दौरान दरगाह के दीवान सैयद जैनुल ने गोहत्या पर अपनी रखते हुए कहा था कि गोमांस से दो समुदायों के बीच दूरियां आई हैं। भारत की गंगा-जमुनी तहजीब को झटका लगा है। ऐसे में जरूरी है कि मुसलमान इस इख्तलाफ को खत्म करने की पहल करें और गोमांस खाना बिल्कुल कर दें।

साथ ही सरकार भी गोहत्या और उसके मांस की बिक्री पर पूरे तरीके से प्रतिबंध लगाए। सैयद जैनुल ने कहा था गाय सिर्फ एक जानवर नहीं है बल्कि हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। गाय और उसके वंश को बचाना चाहिए. साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए।

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