तीन तलाक देने वाले शौहर अपराधी माने जाएंगे लेकिन जानिए उन मौलवियों को क्या होगा जो देते हैं इसमें गवाही

ये सच है की सती प्रथा की तरह तीन तलाक में गवाह बनने वाले मौलवी मुस्लिम समाज को आज गुमराह करते नज़र आते है.आपको बता दे की सुदर्शन परिवार ने तीन तलाक का समर्थन जोर शोर से किया है जिसमें मुस्लिम महिलाओं ने इस परिवार का साथ दिया.संसद में गुरुवार को तीन तलाक पर जबरदस्त बहस चली वहीं इसी बहस के दौरान महिला भाजपा नेता ने अपने शायराना अंदाज में आवाज बुलंदकर मुस्लिम महिला हितों पर चोट करते हुए ऐसी मांग की जिसपर कुछ तो सन्नाटा सा छा गया, लेकिन भाजपा के साथियों के साथ कांग्रेस के कुछ सांसदों ने समर्थन करते हुए उनकी मांग को समर्थन दिया.

लोकसभा में तीन तलाक बिल पेश करते हुए कानून मंत्री ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है.केंद्र की मोदी सरकार मुस्लिम महिलाओं के हक की मांग को पूरा कराने के लिए बिल लाई है.लोकसभा में रविशंकर प्रसाद कानून मंत्री के भाषण के बाद बहस शुरू हुई.कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे व सुष्मिता देव ने तीन तलाक पर अपनी बातें रखी.इसके बाद भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा कांग्रेस के नेता कह रहे थे कि वो तीन तलाक बिल में हमारे साथ हैं, मुझे खुशी है.

इस बिल कि लेकर कहा कि सती प्रथा की तरह तीन तलाक में गवाह बनने वाले मौलवियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर मुहर लगाने वाले मौलवियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई हो और उन्हें भी सख्त सजा मिले, ताकि वो समाज को गुमराह न कर सके.लेखी ने कहा कि पीएम मोदी ने लालकिला से भाषण देते हुए अपनी मुस्लिम बहनों से वादा किया था कि वो उन्हें न्याय दिलाएंगे और अब सरकार ये बिल लेकर आई है.

मीनाक्षी लेखी ने कहा 1937 से पूर्व कस्टमरी लॉ थे, जिसे मुस्लिम समाज भी समान रूप से मानते थे, धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. राजनीतिक अत्याचार जो वोट बैंक की राजनीति के तहत होता है.आर्थिक अत्याचार के चलते पीड़िता सड़क पर आ जाती है और बच्चों को पालने में उसके पास पैसे नहीं रहते हैं.तीन तलाक के बाद महिला पर सामाजिक अत्याचारों का दौर शुरू होता है.महिलाएं आज भी अल्पसंख्यक हैं, अधिकारों के साथ सियासत खेली जाती है.

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