सख्त हुए सीएम योगी आदित्यनाथ, मायावती राज में हुए चीनी मिल घोटाले की होगी जांच

नई दिल्ली : योगी सरकार में जहां एक तरफ गन्ना किसानों के अच्छे दिन आ रहे हैं, तो वहीं पिछली सरकार के लिए ये मुसीबत का सबब बन सकता है। दरअसल, सीएम योगी ने पिछली सरकार ने चीनी मिलों को जो अवैध तरीके से बेचा है सरकार उसकी सीबीआई जांच करवा सकती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मायावती सरकार के दौरान चीनी मिलों में हुए घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं। जिससे चीनी घोटाले के जांच के आदेश से मायावती की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। देर रात बैठक करके योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि 11 हजार करोड़ के चीनी मिल घोटाले की जांच होनी चाहिए और गन्ना किसानों के अच्छे दिन लौटकर आने चाहिए। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वो खुद और उनके मंत्री जल्द ही जमीनी हकीकत से रूबरू होने के लिए निरीक्षण पर निकलेंगे।

जिसके लिए वो लखनऊ छोड़कर जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की हकीकत को जानेंगे। योगी ने कहा कि लखनऊ छोड़कर जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की हकीकत जानने के लिए जाना होगा। वे स्वयं और उनके मंत्री भी जल्द ही जमीनी हकीकत से रू-ब-रू होने के लिए निरीक्षण पर निकलेंगे। सीएम योगी ने आगे कहा कि कागजी खानापूरी व आंकड़ों की औपचारिकता से अब काम नहीं चलेगा। किसानों की आय में वृद्धि कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना होगा।

योगी का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी संपत्तियों को औने-पौने दामों पर बेचने का कोई अधिकार नहीं है। यह जनता की संपत्ति है, जिसका दुरुपयोग कतई नहीं होने दिया जाएगा। योगी सरकार ने आगजनी से तबाह हुए गेहूं किसानों को भी मुआवजा देने का फैसला किया है।

योगी सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो जले हुए गेहूं खेत का मौके पर जाकर मुआयना करें और नुकसान की रिपोर्ट राज्य सरकार को दें। उसके बाद राज्य सरकार एक सप्ताह के अंदर मुआवजे की राशि किसानों को देगी। बिजली के बारे में योगी सरकार ने फैसला किया है कि सभी परीक्षा केंद्रों में भी बिजली सप्लाई की जाएगी। साथ ही बिजली चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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