पुलवामा हमले के बलिदानियों को देश दे रहा अंतिम विदाई.. हर तरफ एक ही आवाज- अब निंदा नहीं चाहिए मगर एक भी आतंकी जिंदा नहीं चाहिए

पुलवामा में इस्लामिक आतंकी दल जैश ए मोहम्मद के हमले में अमरता को प्राप्त हुए सुरक्षा बलों के वीर जवानों को आज पूरा देश नम आँखों से आख़िरी विदाई दे रहा है. 40 से ज्यादा जवानों के बलिदान के बाद देशवासियों के अंदर उपजे आक्रोश को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. देखा जाये तो आज हर देशवासी की जुबान पर एक ही बात है कि अमर जवानों के बलिदान का बदला लिया जाए. हर हिन्दुस्तानी खुद सीमा पर जाकर आतंकी मुल्क पाकिस्तान तथा इस्लामिक आतंकियों से लोहा लेने को बेताब नजर आ रहा है.

आज पूरा हिंदुस्तान भारतमाता की जय तथा वन्देमातरम के नारों के साथ भारतमाता के उन लालों को देवलोक की ओर विदा कर रहा है जो अपना फर्ज निभाकर हमेशा के लिए चिरनिद्रा में सो गये हैं. हिंदुस्तान की सरकार से देश एक ही अपील कर रहा है कि अब निंदा नहीं चाहिए, मगर एक भी आतंकी जिंदा नहीं चाहिए. इस समय हर हिन्दुस्तानी का गला रुंधा हुआ है, आंखों में आंसू हैं, जुबान लड़खड़ा रही है, मुट्ठियां भिंच रही हैं, शरीर में खून लावा बनकर दौड़ रहा है तो चेहरा तमतमा रहा है. हर हिन्दुस्तानी आक्रोश से भरा हुआ है क्योंकि हिंदुस्तान ने कश्मीर के पुलवामा में 40 से ज्यादा लालों को खोया है. भारतमाता की पावन माटी अपने ही बेटों के लहू से लाल हुई है.

कल रात को पालम एयरपोर्ट पर बलिदानियों के पार्थिव शरीर को लाया गया तथा वहां पार्ट उनको श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद बलिदानियों के तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को उनके गाँव भेजा गया. जैसे ही इसकी खबर स्थानीय लोगों को लगी लोग घरों से निकलकर भारतमाता के जांबाज बेटे के आखिरी दर्शन के लिए अपने घरों से निकल पड़े. बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक कांपते हुए होठों से देश भारतमाता की जय बोलते हुए अपने जांबाजों को आखिरी विदाई दे रहे हैं तथा बारंबार एक ही बात कह रहे हैं कि मोदी सरकार जी! अब निंदा नहीं चाहिए, मगर एक भी आतंकी जिंदा नहीं चाहिए.

Share This Post