लोकसभा में पारित हुआ तीन तलाक बिल.. पूरे भारत की तमाम मुस्लिम महिलाओं में जश्न और दिया भाजपा को धन्यवाद

एक लम्बी जद्दोजहद चली , कईयों ने वर्षो तक इसके सपने देखे और कईयों ने इस पर संघर्ष किया . कुछ को घर छोड़ना पड़ा तो कुछ को दुनिया ही छोड़ कर जानी पड़ी .. लेकिन आख़िरकार उनको पहले सफलता सुप्रीम कोर्ट से मिली थी और अब दूसरी सफलता उन्हें तब मिली जब लोकसभा में ये बिल आख़िरकार पास ही हो गया. जी हाँ , भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार के नेतृत्व में मुस्लिम महिलाओं को मिली है एक बहुत बड़े दंश से राहत .

ध्यान देने योग्य है कि कांग्रेस के बड़े विरोध के बाद भी आख़िरकार लोकसभा में ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2018’ पास हो गया है. इस बिल के पक्ष में 245, जबकि विरोध में मात्र 11 वोेट पड़े. बिल के खिलाफ कांग्रेस और AIADMK ने सदन से वॉकआउट कर दिया. कांग्रेस ने इस बिल के कुछ प्रावधानों पर असहमति जताई और इसे सिलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग की थी. लेकिन कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दलील दी कि मुस्लिम महिलाओं को अत्याचार से बचाने के लिए इस बिल का पास होना जरूरी है.

विदित हो कि इसी बिल पर बोलते हुए ओवैसी ने संसद में पहली बार सांसदों को इस्लाम कबूल करने की दावत भी दे डाली थी . इस बिल पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस की सुष्मिता देव ने कहा कि उनकी पार्टी इस बिल के खिलाफ नहीं है, लेकिन पार्टी सरकार के मुंह में राम बगल में छुरी वाले रुख के विरोध में है. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने और उनके सशक्तीकरण की नहीं, बल्कि मुस्लिम पुरुषों को सजा देनी की है. कांग्रेस के वाक् आऊट के निर्णय को भारतीय जनता पार्टी ने कट्टरपन्थियो को खुश करने के लिए उठाया गया कदम बताया है .

 

 

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