चंकी को बहुत विश्वास था वसिम और इलियास पर. अंत में वही बन गए उसकी जान के दुश्मन. पढ़े गद्दारी और धोखे की एक सनसनीखेज घटना…

चंकी को नहीं पता था कि वासिम और इलियास उसके दोस्त नहीं बल्कि दुश्मन साबित होंगे. दुश्मन भी ऐसे जो चंकी के पैसे हड़पने के लिए उसकी जान तक लेने के लिए तैयार है. चंकी गाजियाबाद का एक फल व्यापारी हैं जो कड़ी मेहनत कर पैसा कमाता था ताकि अपने परिवार का पेट पाल सके और उनकी ज़रूरते पूरी कर सके.

वहीं, दूसरी तरफ वसिम और इलियास जो चंकी की दुकान के पास ऑटोमोबाइल शॉप पर काम करते थे, दोनों ने मेहनत की जगह शॉर्टकट अपनाने का सोचा वो भी ऐसा जिससे मेहनती चंकी की जान पर बन आयी और आज वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा हैं. घटना गाजियाबाद के लोनी की हैं, चंकी रोज़ की तरह फल बेच रहा था. आरोपी वासिम और इलियास पहले से ही 5 लाख रूपये की फिरौती लेने का प्लान बनाकर बैठे थे.

दोनों ने अपने प्लान को अंजाम देने के लिए चंकी को उनके साथ पार्टी के लिए बुलाया। चंकी उन्हें दोस्त मानता था तो उनके साथ पार्टी करने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद दोनों आरोपी ने चंकी के बार बार मना करने के बावजूद उसे शराब पिलाई और जब चंकी नशे में धुत हो गया तो उसे ऑटो में बैठा कर बागपत ले गए और उसे जिंदा जलने की कोशिश करी. लेकिन खुश किस्मती से आग भूझ गयी और चंकी बच गया. फिलहाल चंकी की हालत बहुत गंभीर हैं.

पुलिस ने दोनों आरोपी वासिम और इलियास को गिरफ्तार कर लिया हैं और दोनों आरोपियों ने अपना अपराध भी कबूल कर लिया हैं. ऐसे कई चंकी होंगे जिन्हें  वसिम और इलियास जैसे दोस्त के रूप में दुश्मन के कारण अपनी जान गवानी पड़ी होगी या फिर मौत और ज़िन्दगी के बीच झूल रहे होंगे। क्या गलती हैं पीड़ित चंकी की? वासिम और इलियास जैसे लोगों से दोस्ती करना क्या चंकी की गलती थी या उसकी मेहनत से कमाया पैसा जिसे देख आरोपी वासिम और इलियास का मन ललचाया और दोनों ने चंकी को मौत के घाट उतारने का घटिया प्लान बनाया? 

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