कांग्रेस को हिलाकर रख देने वाले केंद्रीय पर्यावरण मंत्री का निधन, पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख

नई दिल्ली : केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक, वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे, जिसके बाद उन्हें दिल्ली स्थित एम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनिल माधव के निधन पर गहरा दुख जताया है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि दोस्त और एक आदर्श साथी के तौर पर अनिल माधव दवे जी की मौत से मैं दुखी हूं, भागवान उनकी आत्मा को शांति है। उन्हें लोक हित के काम के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि कल शाम से ही वे मेरे साथ थे और हम दोनों ने कुछ पॉलिसी इश्यू पर चर्चा की थी। उनका जाना मेरे लिए निजी क्षति है। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनिल देव के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आदरणीय श्री अनिल दवे के रूप में देश ने एक सच्चा देशभक्त और माँ नर्मदा का सपूत खो दिया है। इस क्षति की भरपाई कभी न हो सकेगी।

बता दें कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह की जीत में अनिल दवे ने अहम भूमिका निभाई थी। 6 जुलाई 1956 को उज्जैन के भदनगर में जन्मे अनिल दवे शुरुआत से ही आरएसएस से जुड़े हुए थे और नर्मदा नदी बचाओ अभियान में काम कर रहे थे। वह राज्यसभा में साल 2009 मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इसके साथ ही अनिल दवे जल संसाधन समिति और सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सलाहकार समिति में भी थे। ग्लोबल वार्मिंग पर संसदीय समिति के भी वह सदस्य रह चुके हैं।

2003 में दिग्विजय सिंह के 10 साल के शासनकाल को ध्वस्त करने के लिए बनी कोर टीम में अनिल माधव दवे का अहम स्थान था। उन्होंने दिग्विजय सिंह के खिलाफ 2003 में मिस्टर ‘बंटाधार’ का जुमला दिया, जो कांग्रेस के लिए सिरदर्द बन गया था। आखिरकार 10 साल बाद भाजपा सत्ता में काबिज हुई और 13 साल से हर चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिलती रही। अनिल दवे ने पर्यावरण को बचाने के लिए कई किताबें भी लिखीं। पर्यावरण मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल को अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ था।

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