हत्यारे टीपू की जयंती पर भाजपा के मंत्री का साफ बयान… ऐसे कातिल हत्यारे की जयंती में क्यों जाऊं?


कहने के लिए तो टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी थी, लेकिन उसका असली काम था हिंदुओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराना। टीपू सुल्तान ने अपने 30,000 सैनिकों के दल के साथ कालीकट में तबाही मचाई थी। उस दौरान पुरुषों और महिलाओं को सरेआम फांसी देने दी गई और उनके बच्चों को उन्हीं के गले में बांध पर लटकाया गया। यहीं नहीं, हिंदू महिलाओं की शादी जबरन मुस्लिम युवकों से कराई गई और पुरुषों से मुस्लिम धर्म अपनाने को कहा गया और जिसने भी इससे इंकार किया उसे मार डालने का आदेश दिया गया।  

अब उसी हिंदुओं की हत्या करने वाले टीपू सुल्तान की कर्नाटक में जयंती मनाई जा रही है। इस कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्रीय कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े को आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने टीपू सुल्तान को हिंदू विरोधी और बर्बर हत्यारा करार देते हुए उस कार्यक्रम में जाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान को ‘बर्बर हत्यारा’ और ‘बलात्कारी’, वह हिंदू विरोधी था इसलिए उसकी जयंती में शामिल नहीं होना चाहते।  
केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि वह राज्य में टीपू जयंती मनाए जाने की निंदा करते हैं, क्योंकि टीपू हिंदू विरोधी था। उसने मैसूर और कुर्ग में हजारों की बर्बर तरीके से हत्या करवा दी थी। पत्र में उन्होंने आगे कहा कि इस बात को टीपू जयंती मना रहे राज्य के सभी विभागों के ध्यान में लाया जाना चाहिए। बता दें कर्नाटक सरकार ने हर साल 10 नवंबर को टीपू जयंती का आयोजन करने की घोषणा की है। वहीं, हेगड़े के खत पर कर्नाटक मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। 

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