आज से आम जनता को समर्पित हुई देश की पहली “मेड इन इंडिया ट्रेन- वन्देभारत एक्सप्रेस” .. अगले दो हफ़्तों के लिए सीटें फुल

हिंदुस्तान की पहली मेड इंडिया हाई स्पीड ट्रेन वन्देभारत एक्सप्रेस आज से आम जनता के लिए चल चुकी है. मेट्रो की तरह बनाई गई “टी 18 ट्रेन” वन्देभारत एक्सप्रेस का बड़ी बेसब्री का इंतजार किया जा रहा था क्योंकि ये ट्रेन मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी मेड इन इंडिया के तहत बनाई गई है. वन्देभारत एक्सप्रेस ट्रेन को चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी (ICF) में तैयार किया गया है. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके बताया है कि अगले दो हफ़्तों के लिए ट्रेन की सीटें बुक हो चुकी हैं.

आपको बता दें कि वन्देभारत एक्सप्रेस ट्रेन में कुल 16 बोगियां में, जिसमें से दो बोगियां एग्जीक्यूटिव क्लास की हैं. इसमें 104 सीटें हैं. बाकी 14 बोगियां चेयरकार हैं. इनमें 11 बोगियों में प्रति बोगी में 78 सीटें हैं. बाकी तीन बोगियों में इंजन और चेयरकार बोगी संयुक्त हैं. इसकी वजह से एक बोगी में 44 सीटें हैं. ट्रेन की इन तीन बोगियों में ही मोटर लगी हैं. सबसे आगे और सबसे पीछे दो मोटर इंजन और बीच में एक मोटर इंजन है. वन्देभारत एक्सप्रेस ट्रेन का हर दूसरा कोच मोटराइज्ड है जो स्पीड और ब्रेकिंग को उच्च श्रेणी का बनाता है. पूरी ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे, जरूरत पड़ने पर यात्री लोको पायलट से बात कर सकते हैं. इमरजेंसी चेन की जगह बटन हैं, जिसे दबाते ही पायलट को सिग्नल मिलेगा और वह यात्री से संपर्क करेगा. कारण से संतुष्ट होने पर ही ट्रेन रुकेगी.

वन्देभारत एक्सप्रेस ट्रेन में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध है. एग्जीक्यूटिव क्लास की सीटें 360 डिग्री घूम सकती हैं. प्रत्येक कोच में चार टीवी स्क्रीन हैं. रेलवे के मनोरंजन पैकेज का इन पर प्रसारण होगा. मोबाइल पर भी इसके कंटेंट को देखा जा सकेगा. इलाहाबाद से कानपुर के बीच आईआरसीटीसी भोजन परोसेगी. कुछ बोगियों में बेवरेज, स्नैक्स और भोजन के लिए स्थान बनाया गया है. वन्देभारत एक्सप्रेस का संचालन नई दिल्ली और वाराणसी से सप्ताह में पांच दिन रविवार, मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार एवं शनिवार को होगा.

वन्देभारत एक्सप्रेस ट्रेन की खासियत ये है कि कि फर्स्ट क्लास के कोच में जिस दिशा में ट्रेन चलेगी, उसी दिशा में कुर्सियाें हो जाएंगी. ट्रेन वातानुकूलित होगी और सभी कोच एक दूसरे से जुड़े होंगे. कोच में ऑटोमेटिक दरवाजा होगा. ट्रेन जैसे ही स्टेशन पर रुकेगी, कोच के स्टेप स्लाइडिंग निकल आएंगे, इससे यात्री आसानी से चढ़ व उतर सकेंगे. ट्रेन में इंजन की जगह ड्राइवर केबिन बनाया गया है. हर चौथे कोच में पावर कार की व्यवस्था की गई है. ट्रेन में यात्रियाें को झटके नहीं लगेंगे. रेलवे ने कोच में स्टेनलेस स्टील का उपयोग किया है. ट्रेन के हर कोच में एक सीट दिव्यांग के लिए होगी. दिव्यांग यात्री कोच में व्हील चेयर के साथ अंदर तक जा सकेंगे. शौचालय में भी दिव्यांग को व्हील चेयर के साथ जाने की सुविधा है.

17 फरवरी से वंदे भारत की समय सारिणी

22436 नई दिल्ली से वाराणसी   22435 वाराणसी से नई दिल्ली
नई दिल्ली   सुबह 06.00 बजे   वाराणसी    दिन 03.00 बजे
कानपुर       सुबह 10.18-10.20 बजे   इलाहाबाद   शाम 04.35-04.37 बजे
इलाहाबाद    दिन 12.23-12.25 बजे   कानपुर      शाम 06.30-06.32 बजे
वाराणसी      दिन 02.00 बजे   नई दिल्ली    रात 11.00 बजे
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